बांदा। पं. जवाहरलाल नेहरु महाविद्यालय बांदा के महाविद्यालय के अंदर के छावदार बरगद के पेड़ को साजिस के तहत प्राचार्य के. एस. कुशवाहा ने पूरी तरह से कटवा दिया है।जब छात्रों ने वजह जानी तो कहा कि हाथी खा गया है । इसी का विरोध करते हुए विद्यार्थी परिषद के सह जिला संयोजक छात्रनेता कार्तिकेय गुप्ता ने जिलाधिकारी को सैकड़ो कार्यकर्ताओं व छात्रों के साथ ज्ञापन सौप विरोध प्रदर्शन दर्ज किया । छात्रनेता कार्तिकेय गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है जो छात्रहितों के साथ साथ सामाजिक कार्यों में विगत 76 वर्षों से अग्रणी रहा है जो विकासार्थ विद्यार्थी आयाम के माध्यम से जल जंगल जमीन जन जानवर के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करता है , परंतु पं. जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय ने भीषण गर्मी के चलते महाविद्यालय के दशकों पुराने बरगद के पेड़ को छतवा दिया जिसके नीचे विद्यार्थी बैठे कर फाइल कार्य एवं अध्ययन करते है और पूछे जाने पर कहते है की हाथी ने पेड़ को खा लिया । परंतु महाविद्यालय के छात्रों का कहना है कि उस पेड़ से ना तो महाविद्यालय के भवन को कोई नुकशान था और ना ही उसको किसी हाथी ने खाया । छात्रनेता कार्तिकेय गुप्ता ने कहा राष्ट्रीय वृक्ष बरगद के पेड़ को उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के तहत छटवाने के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति की आवश्यकता होती है जबकि वह भी प्राचार्य महोदय के पास नहीं है इस झकझोर देने वाली भीषण गर्मी में पेड़ का पूरी छतवाना महाविद्यालय प्राचार्य की छात्रों व पर्यावरण के प्रति उदासीनता एवं संवेदनशीलता स्पष्ट देखी जा सकती है । ना तो महाविद्यालय के अधिकतर पंखे चलते और ना ही महाविद्यालय में कक्षाएं संचालित होती है । परंतु कुछ छात्र पढ़ने हेतु महाविद्यालय जाते थे और पेड़ के नीचे बैठ जाना प्राचार्य महोदय की आंखो में खटकता था जिस वजह से पेड़ की छाव को ही ख़त्म कर दिया ना । ना रहेगा बॉस ना बजेगी बासुरी । अगर इस प्रकरण में एक सप्ताह में उचित कार्यवाही नहीं होती तो विद्यार्थी परिषद एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। और साथ ही जो विगत समय में ज्ञापन दिए है अगर उन पर एक माह तक कोई कार्यवाही नहीं होती तो सम्पूर्ण छात्रशक्ति लखनऊ जा कर विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। मौके मे सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।















