मुजफ्फरनगर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के आदेशानुसार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी संदीप भागिया के निर्देशन में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, नगरीय क्षेत्र मुजफ्फरनगर के सभागार में “मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन बाल कल्याण समिति सदस्य डॉ. राजीव कुमार द्वारा किया गया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार के मार्गदर्शन में संरक्षण अधिकारी नीना त्यागी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के मार्गदर्शन में साइकोथेरपिस्ट मनोज कुमार ने कार्यशाला में भाग लिया। साइकोथेरपिस्ट मनोज कुमार ने बताया कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य एक सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों का स्वस्थ रहना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में हर वर्ग का इंसान मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहा है, जिसमें विद्यार्थी भी शामिल हैं। प्रतिस्पर्धा के बढ़ते दबाव से बचने के लिए पर्याप्त नींद, ध्यान, योग, और अपनी क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सहायता के लिए टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 और टोल फ्री नंबर 1800-891-4416 उपलब्ध हैं।
डॉ. राजीव कुमार ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि “मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।” उन्होंने बताया कि चिंता किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि हमें समस्या के बजाय समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्रत्येक छह बच्चों में से एक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करता है। इसलिए, मानसिक रूप से मजबूत बने रहना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला के अंत में “मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित प्रश्नोत्तरी” में सफल बालिकाओं – वर्षा, ज्योति, साक्षी, ऋतु, राधिका, तनु, महिमा, वंशिका, संजना, प्रियांशी, तान्या और पूजा को फूलमालाओं से सम्मानित किया गया।
कार्यशाला को सफल बनाने में विद्यालय वार्डन बबिता शर्मा, स्टाफ सदस्य ममता शर्मा, नेहा गर्ग, राखी गोयल, पूनम जयंथ, शाहिना, मंजू एवं रजनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में, वार्डन बबिता शर्मा ने कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।















