सीमांचल में घुसपैठ पर सख्त संदेश, 10 किमी दायरे में अवैध ढांचे हटाने का ऐलान: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में एक जनसभा को संबोधित करते हुए घुसपैठ और अवैध निर्माण के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमांचल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे 10 किलोमीटर के दायरे में खड़े अवैध ढांचों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव और अवैध गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। गृह मंत्री ने विशेष रूप से Bihar, West Bengal और Jharkhand का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों के सीमाई इलाकों में घुसपैठ की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिन पर केंद्र सरकार नजर रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र, जो बिहार का संवेदनशील इलाका माना जाता है, वहां कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केंद्र और राज्य एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संयुक्त अभियान चलाकर अवैध बस्तियों, फर्जी दस्तावेजों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच करें। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा बलों को तकनीकी संसाधनों से और मजबूत किया जा रहा है ताकि घुसपैठ पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

गृह मंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठ के मुद्दे पर चुप्पी साध लेते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी दबाव में आकर निर्णय नहीं लिए जाएंगे।

सभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीमाई क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार और बुनियादी सुविधाएं मिल सकें और वे किसी गलत गतिविधि की ओर न मुड़ें। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि 10 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माण की सूची तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गृह मंत्री के इस बयान के बाद सीमांचल और अन्य सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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