मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की माह अक्टूबर-2025 की बैठक जूम ऐप के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने शहर के अंदर अवैध रूप से चल रही ई-रिक्शाओं से उत्पन्न हो रही भीड़ और यातायात अवरोध पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस के साथ विचार-विमर्श करते हुए ई-रिक्शाओं के लिए निर्धारित रूट तय करने के निर्देश दिए, ताकि अनियंत्रित संचालन पर रोक लगाई जा सके और शहर में जाम की समस्या कम हो। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि अवैध रूप से चल रही ई-रिक्शाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिलाधिकारी ने जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक माह अधिक संख्या में सेमिनार, गोष्ठी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आम जनमानस को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जा सके। उनका मानना है कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।बैठक में जिले के ब्लैक स्पॉट्स पर कराए गए सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा की गई। संभावित सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नए ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उनके सुधारीकरण के निर्देश एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए गए। इसके साथ ही वर्ष 2025 में चिह्नित किए गए नए ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्य तत्काल पूरा कराने के भी आदेश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर को शहर के अंदर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए पुलिस विभाग के सहयोग से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।गन्ना पेराई सीजन को देखते हुए जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी गन्ना ढोने वाले वाहनों की फिटनेस की जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही वाहनों के पीछे रिफलेक्टर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचा जा सके।सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को शहर में चल रही सभी ई-रिक्शाओं की निरंतर फिटनेस जांच और चालकों के लाइसेंस की जांच के निर्देश दिए गए। बिना पंजीकरण या नियमों के विपरीत चल रही ई-रिक्शाओं को तुरंत बंद कराने के लिए सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।















