औरैया पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखी पहल करते हुए स्टेटोरियन फाउंडेशन द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत विधूना क्षेत्र में एक प्रेरणादायक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान की सबसे हृदयस्पर्शी झलक तब देखने को मिली जब विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मां के नाम एक-एक पौधा रोपा। छोटे-छोटे हाथों से लगाए गए ये पौधे न केवल हरियाली के प्रतीक थे, बल्कि उन्होंने एक मजबूत संदेश दिया—“हम छोटे हैं, पर पर्यावरण की जिम्मेदारी हमारी भी है।” कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामवासियों, महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक व प्रमुख समाजसेवी धर्मेन्द्र कुमार ‘नीटू’ ने कहा,“’एक पेड़ मां के नाम’ महज एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, यह मातृत्व के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है। जब एक बच्चा अपनी मां के नाम पौधा लगाता है, तो वह न केवल भावनात्मक रूप से जुड़ता है, बल्कि भविष्य की हरियाली के लिए एक बीज भी बोता है।”फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि एम कुमार ने भी बच्चों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “जब छोटे बच्चे पर्यावरण बचाने के लिए आगे आ सकते हैं, तो वयस्कों की जिम्मेदारी और भी अधिक हो जाती है। यह अभियान केवल एक सामाजिक प्रयास नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प है।” संस्था के राष्ट्रीय समन्वयक कुमार आकाश ने जानकारी दी कि “‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि हर नागरिक अपनी मां के नाम एक पौधा लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाए। यह अभियान लोगों में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देता है।”कार्यक्रम में समाजसेविका सानिया सिद्दीकी, सानिया मंसूरी, कुमारी कुमकुम सहित कई स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और पर्यावरण सुरक्षा की शपथ ली। सभी ने इस नेक कार्य को और अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।
स्टेटोरियन फाउंडेशन का यह अभियान आज एक प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहा है, जो न केवल हरियाली की दिशा में एक समर्पित कदम है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त प्रतीक भी है।।















