मुजफ्फरनगर के जटवाड़ा क्षेत्र में मानवता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया, जिसने न केवल एक महिला की जान बचाई बल्कि पुलिस और आम नागरिक के बेहतर तालमेल की मिसाल भी पेश की। पारिवारिक कलह से परेशान होकर एक महिला ने नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और एक जागरूक नागरिक की सूझबूझ और बहादुरी से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, सरवट क्षेत्र (थाना सिविल लाइन) की रहने वाली महिला बीते कुछ समय से पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव से जूझ रही थी। इसी तनाव में आकर वह जटवाड़ा नहर पुल पर पहुंची और अचानक उफनती नहर में कूद गई। घटना को देख मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पास की चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस दौरान स्थानीय निवासी नौशाद ने भी साहस दिखाते हुए पुलिस का साथ दिया और महिला को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।काफी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस साहसिक और सराहनीय कार्य की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मामले का संज्ञान लिया और सभी संबंधित लोगों को अपने कार्यालय बुलाया। एसएसपी ने कहा कि मानव जीवन की रक्षा करना पुलिस का सर्वोच्च कर्तव्य है और ऐसी परिस्थितियों में पुलिस और आम जनता का समन्वय समाज के लिए प्रेरणादायक होता है।
इस बहादुरी के लिए हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, प्रवीण कुमार, महिला कांस्टेबल पिंकी और नागरिक नौशाद को नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही महिला की काउंसिलिंग कर उसे जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और धैर्य बनाए रखने की सलाह दी गई। यह घटना न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि समय पर किया गया प्रयास किसी की जिंदगी बचा सकता है।















