मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी द्वारा देश की आजादी के संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाले और आजाद भारत में तानाशाही राजनीति के प्रखर विरोधी समाजवादी नायक लोकबंधु राजनारायण की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। सपा कार्यालय पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया और उनके जीवन, विचारों व संघर्षों पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी एडवोकेट और सपा प्रदेश सचिव चौधरी इलम सिंह गुर्जर ने लोकबंधु राजनारायण के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ–साथ आजाद भारत में तत्कालीन तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ भी निर्भीक होकर संघर्ष किया। उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव, जयप्रकाश नारायण और डॉ राममनोहर लोहिया के साथ मिलकर लोकतंत्र और समाजवादी मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर आंदोलन किया। वक्ताओं ने कहा कि लोकबंधु राजनारायण का जीवन सिद्धांतों, त्याग और जनहित के संघर्ष का प्रतीक रहा है।
उनके संघर्ष से प्रभावित होकर डॉ राममनोहर लोहिया ने उन्हें शेर के हृदय वाला और महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने वाला व्यक्ति बताया था तथा यह भी कहा था कि यदि भारत में उनके जैसे तीन–चार लोग भी हों तो देश में तानाशाही कभी लोकतंत्र पर हावी नहीं हो सकती। गोष्ठी में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमपाल सिंह कोरी, साजिद हसन, सत्येंद्र पाल, धर्मेंद्र नीटू और पूजा अनिल अंबेडकर ने लोकबंधु राजनारायण के संघर्षों को आज के दौर में भी प्रासंगिक बताते हुए युवाओं और कार्यकर्ताओं से उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि आज जब लोकतांत्रिक मूल्यों पर बार–बार सवाल खड़े हो रहे हैं, ऐसे समय में लोकबंधु राजनारायण की विचारधारा और साहस समाज के लिए मार्गदर्शक है। कार्यक्रम में सपा नेता सुरेशपाल सिंह प्रजापति, अनेश निर्वाल, सतीश चंद जैन, आयुष चौधरी, डॉ इसरार अल्वी, नदीम मलिक, जाउल चौधरी, अनुराग पाल, मनोज जैन, शरिक असगर, आमिर सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे लोकतंत्र, समाजवाद और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए लोकबंधु राजनारायण के विचारों को जन–जन तक पहुंचाएंगे और उनके बताए रास्ते पर चलकर अन्याय, शोषण और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।















