मुजफ्फरनगर। जनपद में कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी भूमि की उर्वरता, पोषक तत्वों की उपलब्धता और मृदा की गुणवत्ता के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे अपनी फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए संतुलित व उचित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग कर सकें।भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, मुजफ्फरनगर द्वारा वर्ष 2025 की खरीफ ऋतु के दौरान मृदा नमूना एकत्रीकरण अभियान के तहत कुल 12,600 नमूने एकत्र किए गए थे। इन नमूनों का विश्लेषण कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए, जिनमें मृदा में उपस्थित पोषक तत्वों की स्थिति, कमी वाले तत्वों की जानकारी और उनके सुधार के उपाय स्पष्ट रूप से बताए गए हैं। वर्तमान में रबी 2025 के अंतर्गत चल रहे मृदा नमूना एकत्रीकरण अभियान में जनपद को 5,400 नमूनों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभागीय टीमों द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया जा रहा है तथा उन्हें अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि मृदा परीक्षण से खेत की मिट्टी में उपस्थित पोषक तत्वों एवं पीएच स्तर का सही आकलन किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप किसान केवल आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए ही उर्वरकों का प्रयोग करते हैं, जिससे न केवल मृदा की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि अत्यधिक उर्वरक प्रयोग से होने वाले आर्थिक नुकसान से भी बचाव होता है। संतुलित पोषण देने से फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है, जिससे कीटनाशकों और रासायनिक दवाओं के प्रयोग में कमी आती है। यह न केवल किसान के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है।कृषि विभाग ने जनपद के सभी कृषक भाइयों से अपील की है कि वे रबी 2025 के मृदा नमूना एकत्रीकरण अभियान के अंतर्गत अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराएं और मृदा विश्लेषण का लाभ उठाएं। इससे उन्हें अपनी भूमि की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलेगी और वे वैज्ञानिक आधार पर उर्वरक प्रबंधन कर सकेंगे। अधिक जानकारी और सहयोग के लिए किसान उप कृषि निदेशक, मुजफ्फरनगर या भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, मुजफ्फरनगर से संपर्क कर सकते हैं।
















