मुजफ्फरनगर में निजी स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ शिवसेना का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरनगर में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से कथित रूप से की जा रही मनमानी फीस वसूली और आर्थिक शोषण के खिलाफ शिवसेना ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और निजी स्कूलों की मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अभिभावकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती व्यावसायिक प्रवृत्ति आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।ज्ञापन में बताया गया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अपेक्षित होने के कारण अभिभावक मजबूरी में अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिला रहे हैं, जिसका सीधा फायदा स्कूल प्रबंधन उठा रहा है। आरोप है कि निजी स्कूल अभिभावकों से अत्यधिक फीस वसूलने के साथसाथ महंगी किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए भी दबाव बनाते हैं।

पहले जहां किताबों पर 1000 से 1500 रुपये तक का कमीशन लिया जाता था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 5000 रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा 200 रुपये की ड्रेस को 1500 से 2000 रुपये में बेचे जाने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पब्लिकेशन कंपनियों से निजी स्कूलों को पहले ही करीब 60 प्रतिशत तक कमीशन मिल जाता है, इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन अतिरिक्त वसूली कर रहा है। छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए भी किताबों का खर्च 4000 से 5000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ड्रेस के नाम पर भी अलग से मोटी रकम ली जा रही है। इस स्थिति को लेकर अभिभावकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है और वे लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।शिवसेना ने प्रशासन से मांग की है कि निजी स्कूलों में हर साल अगली कक्षा में प्रवेश के नाम पर दोबारा एडमिशन फीस वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही अभिभावकों को किसी एक निश्चित दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जाए और ऐसा करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी मांग की कि निजी स्कूलों की फीस को प्रत्येक कक्षा के अनुसार निर्धारित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए।इस मौके पर जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि अभिभावकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया गया है और आगे भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा। ज्ञापन के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अब यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है और अभिभावकों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस पर संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts