महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग पर विचार-विमर्श हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। इस बीच, सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी और निरीक्षकों की नियुक्ति शुरू कर दी है, ताकि चुनाव की तैयारी को मजबूत किया जा सके।
एनसीपी प्रमुख और डिप्टी सीएम अजीत पवार ने भी चुनाव से पहले महाराष्ट्र में यात्रा करने का प्लान बनाया है। बीजेपी ने एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को अपने साथ लेकर जो उम्मीदें बांधी थीं, उनमें पूरी तरह से सफलता नहीं मिली। लोकसभा चुनाव में एनसीपी ने अपने कोटे की चार में से केवल एक सीट जीती जबकि शिवसेना ने अपने हिस्से की 15 सीटों में से 7 सीटें जीतीं।
2024 के लोकसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन एनडीए पर भारी पड़ा, जहां महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से इंडिया गठबंधन ने 30 सीटें जीतीं जबकि एनडीए को केवल 17 सीटें ही मिलीं। विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के साथ ही अजित पवार और एकनाथ शिंदे अपनी राजनीतिक ताकत को बढ़ाने में जुट गए हैं।
अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटे अजीत
लोकसभा चुनाव में मिली मात के बाद अजीत पवार अब अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र में ‘जन सम्मान यात्रा’ पर निकलने जा रहे है. ‘जन सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व कर रहे एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार के नेतृत्व में नासिक से यात्रा शुरू होगी और राज्य के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी. उन्होंने कहा कि अजीत पवार पिछले 35 वर्षों से प्रभावी राजनीतिक कार्य कर रह रहे हैं, जिन्हें लेकर जन-जन तक पहुंचाने का प्लान है.
सुनील तटकरे ने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में डिप्टी सीएम अजीत पवार ने राजकोष और कल्याणकारी योजनाओं के बीच बेहतर संतुलन बनाने का काम किया है. किसानों, महिलाओं, छात्रों, युवाओं और अन्य वर्गों के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना शुरू की है. इन्हीं तमाम योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए ही अजीत पवार अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं. हालांकि, एनसीपी ने अभी ‘जन सम्मान यात्रा’ का ऐलान किया है, लेकिन किस तारीख से शुरू होगी, इसका जिक्र नहीं किया.
महाराष्ट्र की सियासत में अजित पवार अपने सियासी वजूद को बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं. लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही अजित पवार ने चुनावी प्रबंधन कंपनी ‘डिजाइन बॉक्स्ड’ को हायर किया है. विधानसभा चुनाव के कैंपेन और रणनीति बनाने का काम डिजाइन बॉक्स्ड से मदद ले रहे हैं. विधानसभा चुनाव के लिए एनसीपी की ब्रांडिंग कर रहे हैं. अजित पवार ने इसी कंपनी की सलाह पर एमएलसी चुनाव के दौरान अपने सभी विधायकों को साथ मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर में माथा टेककर सियासी संदेश देने की कोशिश की थी.
विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं तक पहुंचने के लिए 90 दिन की योजना बनाई गई है, जिस पर अजित पवार ने काम भी शुरू कर दिया है. अजित पवार ने अपने सभी नेताओं और विधायकों को विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने का दिशा-निर्देश दे चुके हैं. अजित पवार ने सफेद कुर्ते के ऊपर गुलाबी जैकेट पहनाना शुरू कर दिया है और अपने कुर्ते और जैकेट पर एनसीपी पार्टी का चिन्ह भी लगाना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में उन्होंने महाराष्ट्र में ‘जन सम्मान यात्रा’ का प्लान बनाया है, जिसका आगाज नासिक से शुरू करेंगे. इस तरह अजीत पवार अपनी ताकत बढ़ाने का प्लान बनाया है.
विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो महीने का समय
वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 113 विधानसभा क्षेत्रों में 46 विधानसभा प्रभारी तथा 93 विधानसभा निरीक्षकों की नियुक्ति की है. ऐसे में शिंदे ने अपने सहयोगी दलों खासकर बीजेपी को यह संदेश दिया है कि शिवसेना विधानसभा चुनाव में सूबे की 288 में से कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो महीने का समय बचा है. चुनावी तैयारियों में कोई कमी न रह जाए, जिसके लिए शिंदे ने अपने नेताओं की फौज को मैदान में उतार दिया है.
महाराष्ट्र की राजनीति में कहा जाता है कि जिसने मुंबई का किला फतह कर लिया, उसकी ही राज्य में सरकार बनती है. मुख्यमंत्री शिंदे ने मुंबई की 36 में से 18 सीटों पर चुनाव प्रभारियों के नाम की घोषणा कर दी है. इसमें पूर्व नगरसेवक कमलेश राय (चांदिवली, कालीना), मिलिंद देवड़ा (वर्ली, शिवडी), यशवंत जाधव (भायखला), रविंद्र वायकर (जोगेश्वरी पूर्व, दिंडोशी, परभणी, गंगाखेड), राहुल शेवाले (चेंबूर, अणुशक्ति नगर, माहिम, धारावी), शिशिर शिंदे (भांडुप पश्चिम, कुर्ला, विक्रोली, मानखुर्द) और हाल ही में कांग्रेस ने शिंदे ने शिवसेना में आए संजय निरुपम (अंधेरी ईस्ट, मालाड वेस्ट, मागाठाणे) को प्रभारी की जिम्मेदारी दी है.
मुंबई में शिवसेना की जड़ काफी मजबूत
मुंबई में शिवसेना की जड़ काफी मजबूत है. इसका फायदा विधानसभा चुनाव में शिंदे ने उठाने का प्लान बनाया है. शिवसेना का जमीनी कैडर मजबूत करने और चुनाव में विपक्षियों की साजिशों को नाकाम करने के लिए नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है. शिंदे ने चुनाव तैयारी के नाम पर अपने नेताओं के नाम की घोषणा कर एक तीर से दो निशाना साधा है. इस तरह वो अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे गुट को जहां यह मैसेज दे रहे हैं कि वह चुनाव में किसी गलतफहमी में नहीं है. वहीं, साथ ही बीजेपी को भी यह बताने में जुटे हुए हैं कि चुनावी तैयारी शुरू कर दी है और सीट शेयरिंग में शिवसेना को सम्मानजनक सीटें मिलनी चाहिए.
महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से बीजेपी का प्लान 160 से 170 सीटों पर चुनाव लड़ने है. इस लिहाज से एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के लिए करीब 120 सीटें ही बच रही हैं. एनसीपी और शिवसेना की तरफ से 100-100 सीटों की डिमांड की जा रही थी, लेकिन अमित शाह से मुलाकात के बाद अजित पवार खेमे की तरफ से 80 से 90 सीट की बात कही जा रही है. शिंदे खेमे ने जिस तरह 113 विधानसभा सीटों पर प्रभारी नियुक्त किए हैं और अजीत पवार सभी 288 सीटों पर जन सम्मान यात्रा निकाल रहे हैं, उसके सियासी मायने समझे जा सकते हैं.















