ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. पॉक्सो कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने यौन शोषण के आरोपों में दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का फैसला सुनाया है. कोर्ट का फैसला आने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस पर जवाब भी दिया. उन्होंने कहा कि कोर्ट का कोर्ट का फैसला उचित है. जब मुकदमा दर्ज होगा, तभी जांच की प्रक्रिया में पूरी होगी.
कोर्ट के फैसले पर शंकराचार्य का जवाब
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, “फर्जी मुकदमा जो दायर किया गया है, उसकी सच्चाई सामने आएगी. हम यही कहना चाहते हैं कि न्यायालय त्वरित गति से काम करे और जल्दी से जल्दी इस पर कार्रवाई करे. जो फर्जी केस बनाया है, वह तो फर्जी ही सिद्ध होना है. सनातन के ऊपर आरोप लगा कौन रहा है, जिस व्यक्ति ने आरोप लगाया है, वह खुद हिस्ट्रीशीटर है. पता नहीं कितने लोगों पर फर्जी मुकदमे लगाकर उगाही करना ही उसका काम है. फिर वह रामभद्राचार्य का शिष्य बन जाता है और फिर हम पर आरोप लगाता है. आप देखिए यह आरोप कहां से आ रहा है. रामभद्रचार्य से और उनका बल कहां है? वह भी सबको पता है. गौमाता की जो हम आवाज उठा रहे हैं, उसे बंद करने के लिए सारे प्रयत्न हो रहे हैं, उसी में यह एक प्रयत्न है.
कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया
इस मामले में पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में 13 फरवरी को सुनवाई हुई थी. कोर्ट में आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों का वीडियोग्राफी के साथ बयान दर्ज हुआ था. इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट को भी संज्ञान में ले लिया था. बयान दर्ज करने और पुलिस रिपोर्ट संज्ञान में लेने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज शनिवार शाम करीब 4:30 बजे पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया. कोर्ट के आदेश के बाद यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.















