मुजफ्फरनगर में विचार गोष्ठी: भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प,

मुजफ्फरनगर के स्थानीय मूलचंद रिसॉर्ट में ‘भारत बनेगा विश्व महाशक्ति’ विषय पर एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की वैश्विक भूमिका, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की दिशा पर सार्थक विमर्श करना था। गोष्ठी में अध्यात्म, राजनीति और समाजसेवा का अनोखा संगम देखने को मिला। हालांकि सर्द मौसम के कारण अपेक्षित संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति नहीं हो सकी, फिर भी कार्यक्रम की गंभीरता और विषयवस्तु ने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि भारत माता को विश्व गुरु के सिंहासन पर आसीन देखना हर भारतीय का स्वप्न है और आज यह स्वप्न साकार होता प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव हमारी सांस्कृतिक जड़ों, अध्यात्म और मजबूत नेतृत्व का परिणाम है। उनके अनुसार G-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत केवल आर्थिक या राजनीतिक शक्ति ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक नेतृत्व भी प्रदान कर सकता है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि जब विदेशी राष्ट्राध्यक्ष भारतीय नेतृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं, तो वह सम्मान केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे देश और उसकी सभ्यता का होता है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जीवन के अनुभवों और मधुर गायन के माध्यम से कर्म, धैर्य, टीम भावना और नवाचार के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। “कुछ तो लोग कहेंगे” और “पत्ता टूटा डाल से” जैसे गीतों के माध्यम से उन्होंने जीवन के उतार-चढ़ाव को सहज और प्रेरक रूप में समझाया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एस.एस.पी. संजय वर्मा ने कहा कि भारत आज भी अध्यात्म, योग और नैतिक मूल्यों के क्षेत्र में विश्व का पथ-प्रदर्शक है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को सच्चे अर्थों में विश्वगुरु बनना है, तो हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत रखते हुए आधुनिक चुनौतियों का समाधान खोजना होगा।

गोष्ठी में समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली शालू सैनी को विशेष सम्मान दिया गया। लावारिस और निर्धन शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश करने वाली शालू सैनी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

सायं छह बजे से रात्रि दस बजे तक चले इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक अशोक कंसल, ममता अग्रवाल, पंकज त्यागी, सत्यप्रकाश रेशू सहित अन्य वक्ताओं ने भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए अपने-अपने विचार और सुझाव रखे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई और समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर जैन प्रकाश गर्ग, नरेंद्र पंवार, अरुण प्रताप सिंह, कवि विनोद त्यागी, मंत्री योगराज सिंह, संजय मित्तल, योगेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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