मुजफ्फरनगर। जिले में बीज कारोबार को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कृषि विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि केंद्र सरकार के ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही अब बीज का स्टॉक, खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और वापसी की प्रक्रिया मान्य होगी। यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से लागू हो जाएगी। इसके तहत जिले के सभी बीज उत्पादकों, डीलरों, वितरकों, निजी फर्मों, सहकारी समितियों और राजकीय बिक्री केंद्रों को 31 जुलाई तक पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। विभाग के अनुसार जनपद में 828 बीज विक्रेताओं के सापेक्ष अभी तक केवल 121 डीलरों ने ही पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, जो बेहद कम है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य बीज की ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करना और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। अब सभी विक्रेताओं को साथी पोर्टल पर स्टॉक की नियमित प्रविष्टि करने के साथ-साथ स्टॉक पंजिका भी अद्यतन रखनी होगी। यदि पोर्टल पर दर्ज स्टॉक, रजिस्टर में उपलब्ध विवरण और प्रतिष्ठान में मौजूद भौतिक स्टॉक में किसी प्रकार का अंतर पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो बीज विक्रेता 31 जुलाई तक साथी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराएंगे, वे 1 अगस्त के बाद बीज की बिक्री नहीं कर सकेंगे। ऐसे मामलों में बीज विक्रय लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा भविष्य में बीज लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भी साथी पोर्टल से प्राप्त अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना साथी पोर्टल के बीज कारोबार करते पाए जाने पर संबंधित विक्रेता और कंपनी के खिलाफ बीज अधिनियम-1968 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों और विक्रेताओं से समय रहते पंजीकरण कर नई व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।























































