मुजफ्फरनगर में एसडीएम अपूर्वा यादव ने डेयरी संचालकों की बैठक

मुजफ्फरनगर जनपद की बुढ़ाना तहसील में स्वच्छता और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से एसडीएम अपूर्वा यादव ने क्षेत्र के डेयरी संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में सभी डेयरी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब से कोई भी मृत गौवंश खुले में या सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा। मृत पशुओं के शरीर का निस्तारण तय प्रक्रियानुसार किया जाए, ताकि इससे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण को कोई नुकसान हो।एसडीएम ने कहा कि कई बार देखा गया है कि डेयरी संचालक मृत पशुओं को सड़कों या खाली स्थानों पर छोड़ देते हैं, जिससे सिर्फ सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है बल्कि गंदगी और बदबू से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस तरह की लापरवाही को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी डेयरी संचालक द्वारा मृत पशु को खुले में फेंका गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में स्वच्छता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। एसडीएम अपूर्वा यादव ने निर्देश दिया कि डेयरियों से निकलने वाला गोबर, मूत्र या अन्य कचरा नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर बिल्कुल भी डाला जाए। इससे नालियां चोक हो जाती हैं और क्षेत्र में गंदगी फैलने लगती है। उन्होंने कहा कि डेयरी संचालक गोबर और अन्य अपशिष्ट पदार्थ का सही प्रबंधन करें, जैसे खाद बनाने के लिए उसका उपयोग किया जा सकता है, जिससे किसानों को भी लाभ होगा और प्रदूषण की समस्या भी खत्म होगी।एसडीएम ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में साफसफाई रखना प्रत्येक संचालक की जिम्मेदारी है। जहां पशु बंधे हों वहां नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए और मच्छरों, मक्खियों के प्रकोप से बचाव के उपाय भी किए जाने चाहिए। इस संबंध में उन्होंने यह भी कहा कि डेयरियों की नियमित जांच की जाएगी और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।उन्होंने डेयरी संचालकों से अपील की कि वे शासनप्रशासन के नियमों का पालन करें और पशुपालन के साथसाथ स्वच्छता को भी प्राथमिकता दें। यदि सभी डेयरी संचालक सहयोग करेंगे तो क्षेत्र में स्वच्छता की स्थिति और बेहतर हो सकेगी। बैठक में मौजूद डेयरी संचालकों ने भी एसडीएम को आश्वासन दिया कि वे दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे और मृत पशुओं के प्रबंधन से लेकर डेयरी की साफसफाई पर विशेष ध्यान देंगे।एसडीएम अपूर्वा यादव ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। यदि डेयरी संचालक नियमों के तहत काम करेंगे तो उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। लेकिन जानबूझकर की गई लापरवाही पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। इस मौके पर राजस्व विभाग और नगर पालिका से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने डेयरी संचालकों को अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जरूरी जानकारी दी।इस बैठक को लेकर स्थानीय लोगों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों और गलियों में मृत पशुओं के खुले में पड़े रहने से अक्सर असहनीय बदबू और बीमारियों का खतरा बना रहता था। अब प्रशासन की इस पहल से लोगों को राहत मिलेगी और क्षेत्र में स्वच्छता का स्तर भी सुधरेगा।कुल मिलाकर, बुढ़ाना तहसील में हुई इस बैठक के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब मृत पशुओं को खुले में छोड़ने और डेयरियों की गंदगी से क्षेत्र को प्रदूषित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासनिक सख्ती और संचालकों के सहयोग से आने वाले समय में निश्चित रूप से बुढ़ाना में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण स्थापित किया जा सकेगा।

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