हरिद्वार। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हमलों के विरोध में तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को संत समाज ने हरकी पैड़ी से आक्रोश रैली निकाली। रैली निकालने से पूर्व उन्होंने हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन कर मां गंगा से हिंदुओं की रक्षा की प्रार्थना की और आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता और अखिल भारतीय संत समिति के प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने कहा कि बांग्लादेश में जो लोग भी आंदोलनकारी हैं, उनका आक्रोश वहां की सरकार के प्रति और प्रधानमंत्री के प्रति था। उनका आंदोलन भी उसी के खिलाफ था।
निशाने पर आ गए हिंदू
परंतु आश्चर्यजनक है कि जब वहां पर उनकी मांग पूरी हो गई और प्रधानमंत्री इस्तीफा देकर देश छोड़कर चली गईं, सरकार बदल गई तो उनके निशाने पर हिंदू आ गए। ऐसा क्यों, आरोप लगाया कि ऐसा जानबूझकर किया गया और सनातन विरोधी तत्वों ने आंदोलन का सहारा लेकर हिंदुओं को अपने निशाने पर रखा।उन्होंने बांग्लादेश की नवनियुक्त सरकार और उसके मुखिया से मांग की कि ऐसे सामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। संतों ने भारत सरकार से इस मामले में बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करवाने की मांग की।संत समाज के नेतृत्व मे बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में उछाली आश्रम से हरकी पैड़ी तक आक्रोश रैली निकाली। यूएनओ से मांग की गई कि बांग्लादेश में हिन्दुओं को अलग स्वायत्तता दी जाए, हिन्दुओं पर अत्याचार बंद कराया जाए ।कार्यक्रम की अध्यक्षता बाबा हठयोगी और संचालन संजीव चौधरी ने किया। आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष सचिव महानिर्वाणी अखाड़ा रवीन्द्रपुरी ने कहा की आज बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार से पूरी दुनिया के हिन्दुओं में भारी आक्रोश है और यदि तत्काल ये हिन्दू विरोधी दंगे ना रुको तो संत समाज बांग्लादेश जाने से भी पीछे नहीं हटेगा।















