मुजफ्फरनगर में किसानों के ऊपर हुए लाठीचार्ज की घटना को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने बड़ा ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने स्पष्ट किया कि आगामी 2 जुलाई को एसएसपी कार्यालय के बाहर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत में न केवल मुजफ्फरनगर, बल्कि सहारनपुर, मेरठ, बागपत, शामली सहित कई अन्य जिलों से भी भारी संख्या में किसान एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे।संजीव तोमर ने प्रशासन को तीखी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार मुजफ्फरनगर को जलियांवाला बाग बनाना चाहती है, तो किसान भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब किसान लाठी–डंडे और मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं, बल्कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम स्तर तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर प्रशासन किसानों पर गोली चलाने की तैयारी कर रहा है, तो किसान भी सीना तानकर खड़े होंगे। उनका कहना था कि अब यह लड़ाई सिर्फ खेत–खलिहानों की नहीं, बल्कि किसानों की अस्मिता और अस्तित्व की है।बैठक में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसमें राष्ट्रीय सलाहकार इंदरजीत सांगवान, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रवण त्यागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हबीब गुर्जर, जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी, युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर, सहारनपुर युवा जिलाध्यक्ष शौरव त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष रिहान चौधरी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू चौधरी, दीपक तोमर, हनी बालियान, हसीर और अजय त्यागी सहित कई पदाधिकारी शामिल थे।इस महापंचायत के माध्यम से संगठन प्रशासन को चेतावनी देना चाहता है कि किसानों के सब्र की परीक्षा न ली जाए। संगठन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक किसानों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर माफी नहीं मांगी जाती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 2 जुलाई की महापंचायत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर दिया गया है।















