समाजवादी महिला सभा ने वोट चोरी व वोटर लिस्ट गड़बड़ी पर किया जोरदार प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर में समाजवादी महिला सभा ने लोकतंत्र की रक्षा और मतदाताओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन की जिलाध्यक्ष सुषमा सैनी के नेतृत्व में भारी संख्या में महिला कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी कार्यालय से एकजुट होकर महावीर चौक से होते हुए प्रकाश चौक और कचहरी मार्ग से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर और गगनभेदी नारों के साथ प्रदर्शन किया। नारेबाजी में “वोट चोरी बंद करो”, “लोकतंत्र की हत्या बंद करो”, “चुनाव आयोग की संदिग्ध गतिविधियां बंद करो” और “एसआईआर के नाम पर वोट लूटना बंद करो” जैसे नारे गूंजते रहे।जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुषमा सैनी ने कहा कि यह आंदोलन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेरणा और समाजवादी महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव के आह्वान पर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग लगातार भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और निष्पक्षता तथा विश्वसनीयता को खो चुका है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी लाखों मतदाताओं के वोट चोरी किए गए थे। मृतक या लापता बताकर वास्तविक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। उस समय अखिलेश यादव ने 18 हजार शपथपत्रों के साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।सुषमा सैनी ने कहा कि यह चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कमजोरी है कि वह पुलिस-प्रशासन के जरिए बूथ लूट और वोट चोरी की घटनाओं पर चुप्पी साधे रहता है। पांच बजे के बाद अचानक बढ़े मतदान प्रतिशत और सीसीटीवी फुटेज न देने जैसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाजवादी महिला सभा लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेगी।महानगर अध्यक्ष हेमानी सिंह, राष्ट्रीय सचिव पूजा अंबेडकर और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि एसआईआर के नाम पर बिहार में 65 लाख से अधिक वोटों की चोरी हुई है, जिनमें अधिकांश पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता शामिल हैं। विपक्षी मतों को चिन्हित करके सुनियोजित तरीके से वोट चोरी की जा रही है। भाजपा द्वारा की जा रही इस साजिश में चुनाव आयोग की खामोशी और लापरवाही लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। इस कारण आम मतदाता भयभीत हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।धरना प्रदर्शन के अंत में समाजवादी महिला सभा ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपा, जिसमें जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामलाल बच्ची सैनी, महिला सभा की पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभा यादव, जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन, जिला उपाध्यक्ष शमशेर मलिक, पूर्व जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा डॉ. इसरार अल्वी, सपा नेता नासिर खान समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।धरना स्थल पर महिलाओं का जोश देखने लायक था। जिला महासचिव वकीला बेगम, नगर अध्यक्ष मीरापुर संतलेश, ब्लॉक अध्यक्ष पुरकाजी सोनिका पाल, प्रियांशी निक्की, रिया पाल, काजल, हरबीरी, सुमन, सरीता, पूनम, फातमा बेगम, मानसी, गुल्फशा, निशॉ कात्यान, परमिता, लक्ष्मी रानी, मंजू, ललिता, लीलावती, विपाशा, कमलेश, पिंकी, सोनिया, रोशनी और मधु सहित सैकड़ों महिलाएं धरने में शामिल हुईं। सभी ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए वे किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts