मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी नेता साजिद हसन ने मोहर्रम ताजिया जुलूस के पारंपरिक मार्ग को लेकर उठे विवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिले में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को कमजोर करने का प्रयास किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि कुछ संगठन लगातार भड़काऊ बयान देकर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सामाजिक समरसता और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
साजिद हसन ने कहा कि मोहर्रम का ताजिया जुलूस वर्षों से अपने पारंपरिक मार्ग से निकलता रहा है और यह जिले की साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना और जुलूस के मार्ग में बदलाव की मांग करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे प्रयास हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों और समुदायों को संविधान द्वारा अपने धार्मिक पर्व और परंपराएं मनाने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।
सपा नेता ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि मोहर्रम ताजिया जुलूस को रोकने, बाधित करने या उसके संबंध में भड़काऊ बयान देने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून व्यवस्था को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। साजिद हसन ने प्रशासन से अपील की कि मोहर्रम के अवसर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और जुलूस को शांतिपूर्ण, सुरक्षित तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार के तनाव पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।















