लावारिस शवों की सेवा के लिए क्रांतिकारी शालू सैनी को संतों व मंत्रियों ने किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर की सामाजिक कार्यकर्ता और साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी को लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की निःस्वार्थ सेवा के लिए उत्तराखंड के गांव बिंदु खड़क में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई संतों मंत्रियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने शालू सैनी के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भावपूर्ण सम्मान प्रदान किया।शालू सैनी पिछले कई वर्षों से उन शवों का अंतिम संस्कार कर रही हैं जिनके परिजन नहीं होते या फिर जो आर्थिक तंगी के कारण अपने स्वजन का अंतिम संस्कार नहीं कर पाते। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में वह अपनी सेवाएं लगातार पहुंचा रही हैं और अब तक सैकड़ों शवों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार कर चुकी हैं।सम्मान समारोह में सैनी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. पहल सिंह सैनी ने भी उनकी हौसला अफजाई की। भावुक होते हुए शालू सैनी ने कहा कि कभी वह एक ठेले पर काम करती थीं, लेकिन आज उन्हें समाजसेवा के लिए उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी सम्मान मिल रहा है, यह उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव है। उन्होंने इस सेवा को भगवान महाकाल और अपने सभी सहयोगियों को समर्पित किया और कहा कि उन्हीं की कृपा और साथ से वह इस कठिन कार्य को करने का हौसला जुटा पाती हैं।गौरतलब है कि शालू सैनीमहाकाल की बेटीऔरलावारिसों की वारिसके नाम से पहचानी जाती हैं। वह वर्ल्ड गिनीज रिकॉर्ड होल्डर भी हैं और उनका जीवन सामाजिक समर्पण और करुणा का प्रेरक उदाहरण बन चुका है। उनके इस समर्पण को समाज में एक नई दिशा देने वाला कार्य माना जा रहा है।

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