मुजफ्फरनगर में ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारी की मौत, नाराज साथियों ने सड़क पर रखकर शव किया प्रदर्शन; प्रशासन ने दिया मुआवजे और नौकरी का आश्वासन

मुजफ्फरनगर में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारी अशोक की अचानक तबीयत बिगड़ने से ड्यूटी के दौरान ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अशोक लंबे समय से नगर पालिका में सफाई कर्मी के रूप में सेवा दे रहा था और लगभग 10–15 वर्षों से कचहरी रोड, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हाउस वॉशिंग की जिम्मेदारी संभाल रहा था। गुरुवार को भी वह अपने नियमित कार्य पर ही था, जब अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस दुखद सूचना के बाद साथी कर्मचारी शोक और आक्रोश में गए।मृतक अशोक परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके दो बच्चे हैं और परिवार के पालनपोषण की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। ऐसे में अचानक हुई इस मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।

साथी कर्मचारियों का आरोप है कि अशोक की हालत बिगड़ने के बाद सूचना देने के बावजूद नगर पालिका का कोई अधिकारी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। अधिकारियों की लापरवाही से नाराज कर्मचारियों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कचहरी रोड पर कूड़े के ढेर लगाकर जाम लगा दिया। करीब ढाई से तीन घंटे तक सड़क पर भारी जाम लगा रहा, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और शहर में अफरातफरी का माहौल बन गया।मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारी चमन लाल ने बताया कि प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारी काफी देर बाद पहुंचे। कर्मचारियों का कहना था कि अशोक की मौत के बाद अधिकारी तुरंत मौके पर आकर परिवार को सहायता और संवेदना देते, लेकिन ऐसा होने की वजह से उन्हें मजबूरन सड़क जाम करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और गुस्साए कर्मचारियों से बात की। अधिकारियों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता, नौकरी और मुआवजा देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारियों ने जाम समाप्त किया।अधिकारियों की ओर से मृतक के परिवार को लगभग 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही गई है। प्रशासन ने तत्काल चार लाख रुपये परिवार को उपलब्ध कराने और शेष राशि शासन के आदेश के बाद जारी करने का निर्णय लिया है। इसी के साथ परिवार के एक सदस्य को नगर पालिका में नौकरी देने पर भी सहमति बनी है, ताकि घर का आर्थिक सहारा बना रहे।सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि अशोक की मौत हाउस वॉशिंग ड्यूटी के दौरान हुई, जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे परिवार और कर्मचारियों की सभी मांगों को प्रशासन ने गंभीरता से सुना और उचित सहायता देने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद जाम हटवा दिया गया और यातायात सामान्य हो गया। फिलहाल प्रशासन आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रहा है और मृतक के परिवार को मदद पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।यह घटना केवल नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सफाई कर्मचारियों को अक्सर सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक समर्थन की कितनी आवश्यकता होती है।

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