भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लंदन के चाथम हाउस में एक चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का अधिकतर मुद्दा भारत ने हल कर लिया है और अब सिर्फ POK की वापसी बाकी है.
जयशंकर ने कहा, “अनुच्छेद 370 हटाना पहला कदम था, फिर वहां आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की बहाली हुई और हाल ही में उच्च मतदान के साथ सफल चुनाव भी संपन्न हुए. अब सिर्फ पाकिस्तान के अवैध कब्जे से हमारे चुराए हुए कश्मीर की वापसी बाकी है. जब वह हो जाएगा, तो कश्मीर पूरी तरह से हल हो जाएगा.”
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय संसद पहले ही POK को भारत का अभिन्न हिस्सा घोषित कर चुकी है और सभी राजनीतिक दल इसके भारत में पुनर्मिलन के लिए प्रतिबद्ध ह
Pakistani Reporter: India is occupying Kashmir illegally?
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) March 6, 2025
EAM Jaishankar:
"Most of the J&K issues are solved
We Removed Art 370, Restored growth, economic activity & social justice, Held Successful Elections
When Pak will return stolen J&K, all the issues will be solved"🔥😎 pic.twitter.com/SCKwMcBmUr
POK कभी भी भारत से बाहर नहीं था: जयशंकर
इससे पहले, 9 मई 2024 को दिल्ली विश्वविद्यालय के गर्गी कॉलेज में छात्रों से बातचीत के दौरान भी जयशंकर ने कहा था कि POK भारत का हिस्सा है और इसे भारत में मिलाने का राष्ट्रीय संकल्प है. 5 मई 2024 को कटक, ओडिशा में एक कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने POK को लेकर अपनी बात दोहराई थी.
उन्होंने कहा था कि POK कभी भी भारत से बाहर नहीं था, यह भारत का हिस्सा है. आज लोग इसे फिर से याद कर रहे हैं, क्योंकि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद यह मुद्दा केंद्र में आ गया है.
कांग्रेस पर साधा निशाना
जयशंकर ने यह भी कहा कि आजादी के शुरुआती वर्षों में भारत ने पाकिस्तान से POK खाली करने को नहीं कहा, जिसके चलते यह विवाद जारी रहा. उन्होंने इसे घर के गैर-जिम्मेदार रक्षक द्वारा चोरी की गई संपत्ति से तुलना करते हुए कहा, “जब घर का रखवाला जिम्मेदार नहीं होता, तो कोई बाहर से आकर चोरी कर लेता है.भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर कश्मीर को मुख्यधारा में लाने का जो कदम उठाया, उसने POK को लेकर राष्ट्रीय सोच को फिर से जागरूक किया है.















