अलवर। शहर के बिजली घर चौराहे के पास शुक्रवार को आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता हैदर अली ने प्रशासन की ओर से धरने की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में पानी की टंकी पर चढ़कर दो घंटे तक प्रदर्शन किया। हैदर अली के पास माइक और स्पीकर भी थे, जिनके माध्यम से उन्होंने लोगों को अपनी बात समझाई। उन्होंने टंकी के ऊपर से कागज भी फेंके, जिसमें बताया गया कि उन्हें शांतिपूर्ण धरना देने की अनुमति नहीं दी गई।
हैदर अली ने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी छोड़कर सामाजिक और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के हित में काम कर रहे हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उन्होंने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी जुटाई है। उनके अनुसार शिक्षा विभाग में 1,14,597 पद, पुलिस में 24,847, रोडवेज में 11,518, राजस्व में 4,090, कृषि में 3,429 और वन विभाग में 2,896 पद रिक्त हैं। शिक्षित बेरोजगार युवाओं के हित में उन्होंने शांतिपूर्ण धरना देने के लिए एडीएम शहर को पांच बार आवेदन किया, लेकिन हर बार उन्हें अनुमति नहीं दी गई और कोई कारण भी बताया नहीं गया।
हैदर अली ने कहा कि उनकी मौलिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है। अनुमति न मिलने के चलते वह प्रदर्शन के लिए पानी की टंकी पर चढ़ने को मजबूर हुए। घटना के दौरान आसपास रोड पर ट्रैफिक जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। मौके पर डीएसपी और कोतवाल भी भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे।
हैदर अली का यह कदम शहर में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रशासन को शिक्षित बेरोजगार युवाओं के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।















