मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अभियान के तहत परिवहन विभाग द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में एआरटीओ प्रवर्तन सुशील कुमार मिश्र की अध्यक्षता में डीएवी पीजी कॉलेज, मुजफ्फरनगर के एनएसएस कैंप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करना था। कार्यशाला के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन ने उपस्थित सभी एनएसएस वॉलेंटियर्स को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई और अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन और नशे की हालत में वाहन न चलाना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक होना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सड़क सुरक्षा के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएं और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. राजीव कुमार ने भारत में प्रतिवर्ष होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों के आंकड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जागरूकता, सतर्कता और नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने यह भी कहा कि युवा शक्ति यदि ठान ले तो सड़क सुरक्षा अभियान को जनांदोलन का रूप दिया जा सकता है।
परिवहन विभाग जनपद मुजफ्फरनगर की ओर से सभी एनएसएस वालंटियर्स को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों से संबंधित कैलेंडर तथा जागरूकता पम्पलेट्स वितरित किए गए, ताकि वे स्वयं भी जानकारी प्राप्त करें और अन्य लोगों तक भी इसे पहुंचा सकें। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. डॉ. रचना त्यागी, प्रो. डॉ. आसिफ और वालंटियर पलक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में उत्साह देखा गया और उन्होंने सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। इस पहल को जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे युवाओं में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना को बल मिलेगा।















