मुजफ्फरनगर में राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब राष्ट्रीय लोकदल युवा के जिला महासचिव मौ० वसीम बुढ़ाना ने रालोद को अलविदा कहकर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। वह चरथावल विधानसभा से सपा विधायक पंकज मलिक और समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष कुंवर शोएब राणा के प्रयासों से सपा में शामिल हुए। जिला अध्यक्ष ज़िया चौधरी एडवोकेट ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वसीम बुढ़ाना का क्षेत्र में प्रभाव है। सपा नेताओं ने इसे 2027 के मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक पंकज मलिक और जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और पीडीए विरोधी मानसिकता से जनता में व्यापक आक्रोश है। उनका कहना था कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और 2027 में सपा की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मौ० वसीम और उनके सैकड़ों समर्थकों के पार्टी में आने से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और युवाओं के बीच सपा का जनाधार और बढ़ेगा।
रालोद छोड़कर सपा में शामिल हुए मौ० वसीम बुढ़ाना ने कहा कि रालोद ने किसानों, मजदूरों और युवाओं की लड़ाई से दूरी बना ली है। उनका आरोप था कि भाजपा के साथ जाने के निर्णय से रालोद कार्यकर्ताओं में निराशा है और वे अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जनता के हितों के लिए संघर्ष केवल समाजवादी पार्टी कर रही है और वह पार्टी की नीतियों तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विचारों से प्रभावित होकर सपा में शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में सोमपाल सिंह कोरी, साजिद हसन, लोकेंद्र कुमार, फिरोज अख्तर, ओन मोहम्मद, मीर हसन, गगन मावी, अफजाल, बिल्लू राठी, राजू सैनी, इमरान, रहीस अहमद, परवेज सैफी, अंकुर सैनी, प्रवीण सैनी, इरशाद अहमद और मनशाद सहित सैकड़ों समर्थकों की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।















