मुजफ्फरनगर।महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में मिशन शक्ति केंद्रों को लेकर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी अपराध रूपाली राय चौधरी सहित जनपद के सभी थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध ने मिशन शक्ति अभियान की भूमिका, उद्देश्य और उसके प्रभावी संचालन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का मुख्य लक्ष्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार दिलाना और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वही सीधे पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों के संपर्क में रहते हैं।
पुलिस अधीक्षक अपराध ने महिला संबंधी अपराधों और शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या असंवेदनशीलता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कानून के दायरे में रहकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िता की गोपनीयता और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि वह बिना किसी भय के अपनी बात पुलिस के समक्ष रख सके।
गोष्ठी में महिलाओं से संबंधित मामलों में अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी के प्रत्येक बिंदु को विस्तारपूर्वक समझाया गया। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि शिकायत दर्ज करने से लेकर जांच, पीड़िता को सहायता और मामले के निस्तारण तक किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, काउंसलिंग और आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को आई-गॉट पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी दी गई। उन्हें निर्देशित किया गया कि वे ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूर्ण करें, जिससे महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा और यौन अपराधों से जुड़े नवीनतम नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी उन्हें मिल सके।
गोष्ठी के अंत में पुलिस अधीक्षक अपराध ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मिशन शक्ति केंद्रों पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और विधिक प्रावधानों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस मानवता और कानून दोनों के साथ खड़ी नजर आएगी तो समाज में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। इस तरह की गोष्ठियों से न केवल पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि मिशन शक्ति अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी।
















