मुजफ्फरनगर। जनपद स्तरीय निराश्रित गौवंश संरक्षण, स्वास्थ्य अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति की मासिक बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी जिलाधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण ने की। बैठक में जनपद की विभिन्न गौशालाओं में संरक्षित निराश्रित गौवंश के संरक्षण, उनके स्वास्थ्य और आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गौशालाओं में संरक्षित गौवंश के लिए वर्षभर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में सस्ती दरों पर उपलब्ध भूसा खरीद कर उसका पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में चारे की कमी की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में बताया गया कि जनपद में भूसा संरक्षण के लिए 77,800 कुंतल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 15 अप्रैल से 15 मई तक विशेष संरक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में उपस्थित खंड विकास अधिकारियों, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों, पशु चिकित्सा अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर गौशालाओं के लिए अधिक से अधिक भूसा दान कराने का प्रयास करें, ताकि निराश्रित गौवंश के पालन-पोषण में किसी प्रकार की कमी न रहे।
बैठक का संचालन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जितेन्द्र गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिया कि गौशालाओं में हरे चारे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय किसानों से वार्षिक अनुबंध किए जाएं और भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को समय पर भुगतान मिल सके। साथ ही गौशालाओं में पशुओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में वृहद गौ आश्रय स्थल स्थापित करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे निराश्रित गौवंश के संरक्षण की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। बैठक के अंत में सभी विभागीय अधिकारियों और गौशालाओं के नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करें और बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी रूप से पालन सुनिश्चित करें। इसके बाद बैठक समाप्त कर दी गई।














