सहारनपुर स्थित आयशा मॉडल स्कूल में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम बड़े ही उत्साह, गरिमा और धूमधाम के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर को तिरंगे झंडों, गुब्बारों और देशभक्ति से जुड़े पोस्टरों से सजाया गया, जिससे पूरे वातावरण में देशप्रेम की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल प्रबंधक मुजाहिद नदीम द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया गया, जिसमें विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ ने सहभागिता की।
इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक मुजाहिद नदीम ने बच्चों को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1947 में आजादी प्राप्त करने के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ, जिसके बाद भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया है और आज हम गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। उन्होंने बच्चों से संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और देश के जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, वहीं कुछ बच्चों ने देशभक्ति से जुड़ा नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया और अभिभावकों व शिक्षकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों ने देशप्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य आयशा जमाल ने भी बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रीय पर्वों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिनमें रूबी, शबाना, दानिश, कुलसुम, मुदस्सिर, नगमा, फिजा, नशररा, शबनम, शीबा, रुहिना सहित अन्य लोग शामिल रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
















