मुज़फ्फरनगर में शासन द्वारा निर्गत दिशा–निर्देशों के तहत आयोजित जनसुनवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जन समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस कार्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। एसएसपी वर्मा ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात ध्यानपूर्वक सुनी और समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों में भूमि विवाद, आपसी मनमुटाव, साइबर अपराध, धोखाधड़ी, स्थानीय विवाद, पुलिस कार्यवाही से जुड़े मुद्दे और कुछ पारिवारिक प्रकरण शामिल रहे। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता को समयबद्ध और न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराना अनिवार्य है।जनसुनवाई के दौरान महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। कई महिला शिकायतें तत्काल प्रभाव से दर्ज की गईं और उन्हें गंभीरता से लेते हुए ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम (महिला विंग)’ को मौके पर भेजा गया। इस टीम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर तुरंत प्रतिक्रिया देना, घटनास्थल पर पहुंचकर सुरक्षा प्रदान करना और उचित कार्रवाई का प्रारंभ करना है। अधिकारियों ने बताया कि महिला विंग की यह त्वरित कार्रवाई जन विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इसके अलावा एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी बात सुनने और समस्याओं को समझने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि थाना स्तर पर भी जनसुनवाई की प्रक्रिया को मजबूत बनाया जाए और हर पीड़ित को यह सुनिश्चित किया जाए कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। एसएसपी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या, विवाद या अपराध की जानकारी होने पर बिना देर किए पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।जनसुनवाई के अंत में कई शिकायतों को मौके पर ही निस्तारित किया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को आगे की आवश्यक कार्यवाही हेतु सौंपा गया। उपस्थित जनता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा इस तरह की सुनवाई से उन्हें उम्मीद मिलती है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है और उनकी समस्याओं का समाधान अब अधिक पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है।















