ईरान जंग के बीच गैस सप्लाई को लेकर पूरी दुनिया को बड़ी राहत मिल सकती है. दरअसल, युद्ध के बाद पहली बार होर्मुज से कतर के 2 जहाजों को गुजरने की हरी झंडी मिली है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कतर के जहाजों को यह हरी झंडी तेहरान और दोहा के बीच हुए एक डील के बाद दी है. कतर के ये 2 जहाज एलएनजी लेकर होर्मुज से गुजरेंगे. कतर के जहाजों को हरी मिलने का मतलब है- पूरी दुनिया में गैस की किल्लत अब नहीं होगी.Kpler डेटा के मुताबिक एलएनजी से लदे कतर के 2 जहाज रसीदा और अल दायिन को होर्मुज की तरफ मूवमेंट करते देखा गया है. ये दोनों जहाज होर्मुज से गुजरकर पहले ओमान की खाड़ी में जाएंगे. उसके बाद अपने-अपने ऑर्डर को पहुंचाने के लिए संबंधित देश की तरफ जाएंगे.
यह दुनिया के लिए क्यों है अहम?
कतर पूरी दुनिया में कुल गैस का लगभग 19 प्रतिशत सप्लाई करता है. वर्ष 2024 में कतर ने 77.23 मिलियन मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति की थी. भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे देश कतर से ही गैस खरीदते हैं. यूरोप के भी अधिकांश देशों को गैस की सप्लाई कतर से ही होती है.कतर होर्मुज के रास्ते ही पूरी दुनिया को गैस सप्लाई करता है. होर्मुज के बंद होने से उन देशों की स्थिति खराब हो गई थी, जिन देशों में कतर से गैस की सप्लाई की जाती है. अब होर्मुज के कतर के जहाजों की आवाजाही शुरू होने के बाद दुनिया में गैस सप्लाई की स्थिति सामान्य हो सकती है.हालांकि, ईरान कब तक कतर के जहाजों को होर्मुज से आने-जाने देगा? इसको लेकर कुछ नहीं कहा गया है. न तो कतर ने कोई आधिकारिक टिप्पणी की है और न ही ईरान ने.
HORMUZ WATCH: QATARI LNG ON THE MOVE
Kpler data shows LNG tankers Rasheeda and Al Daayen approaching the Strait of Hormuz. A crossing would mark the first Qatari LNG shipments through the Strait since the conflict began.
— *Walter Bloomberg (@DeItaone) April 6, 2026
कतर और ईरान में डील की चर्चा
मिडिल ईस्ट में इन दिनों कतर और ईरान के बीच एक सीक्रेट डील की चर्चा है. इसके मुताबिक कतर ने ईरान से उन पैसों को वापस करने की बात कही है, जो उसे एक डील के तहत अमेरिका से मिला था लेकिन कतर के बैंक में फंसा है. डील का यह दावा इजराइली वेबसाइट JFeed ने किया था.इसके मुताबिक कतर और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है. इसमें कतर ने ईरान को 6 बिलियन डॉलर देने की पेशकश की है. इसके बाद ईरान ने कतर पर हमला बंद कर दिया था.















