बबेरू/बांदा। बबेरू कस्बे के मुख्य चौराहे से अतर्रा कमासिन बांदा फतेहपुर और तिंदवारी के लिए कुल पांच सड़के निकली हुई हैं। जिसमें मुख्य चौराहे के सुंदरीकरण को लेकर सरकार के द्वारा 3 करोड 73 लाख स्वीकृत हुए हैं। जिसके बाद आज सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग व राजस्व विभाग की टीम के द्वारा नाप कर लाल निशान लगाया। तभी पीड़ितों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान चौराहे को केंद्र मानकर काम नहीं होगा तो हम लोग विरोध करेंगे।
बता दें कि औगासी और मर्का के यमुना नदी पुल बनने के बाद जैसे ही पुल चालू किया गया तभी से बबेरू कस्बा में चारों तरफ घंटों जाम लगता था। जिसमें लोगों ने मांग किया था। कि मुख्य चौराहे का सुंदरीकरण और चौड़ीकरण किया जाए, जिसमें लोगों की मांग पर सरकार ने स्वीकृत कर दिया, जिसमें तीन करोड़ 73 लाख स्वीकृत हुए हैं। जिसमें सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के एई रामेंन्द्र सिंह एवं नायब तहसीलदार मनोहर सिंह एवं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह राजावत, एवं राजस्व लेखपाल राजेंद्र द्विवेदी सहित पुलिस बल के साथ मुख्य चौराहे पर नाप करने के साथ-साथ लाल निशान लगाने का काम करने लगे तो व्यापारियों में हाय तौबा मच गया। और नाप कर रहे अधिकारियों से कहा कि नाप गलत ना करें, वर्तमान में स्थापित मुख्य चौराहा को केंद्र मानकर नाप करें। वहां पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कहा कि पक्ष पात नहीं किया जाएगा अभी तो नाप की जा रही है। तब कहीं जाकर व्यापारी शांत हुए। व्यापारी राम विकास, बलराम ,रामनारायण गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता, पंकज,राजवंशी, सहित सैकड़ो व्यापारियों ने मांग किया कि सरकार बसाने का काम कर रही है । लेकिन यहां तो उजाड़ने का काम किया जा रहा है। जो कतई मंजूर नहीं होगा, उधर पीडब्ल्यूडी के एई रामेंद्र सिंह का कहना है कि हमें सरकारी जमीन चाहिए, क्योंकि सरकार ने मुआवजे के लिए धन नहीं दिया। वहीं नायब तहसीलदार मनोहर सिंह का कहना है कि सरकारी जमीन का चिन्हीकरण कर शासन को भेजा गया था। उसी के तहत नाप की जा रही है।















