मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राज्य के बीस प्रमुख विभागों द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट के समयबद्ध और प्रभावी उपयोग में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा आवंटित बजट का उद्देश्य केवल कागजी प्रगति नहीं, बल्कि धरातल पर योजनाओं का समय से पूरा होना और प्रदेशवासियों तक उसका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि सभी विभाग अपने-अपने बजट का उपयोग तय समयसीमा में करें, ताकि विकास परियोजनाएं अनावश्यक देरी का शिकार न हों। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन विभागों पर नाराजगी जताई जहां बजट व्यय की प्रगति धीमी पाई गई और निर्देश दिया कि ऐसे विभाग तत्काल अपनी कार्ययोजनाओं की समीक्षा कर गति बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बजट खर्च में देरी का सीधा असर जनता पर पड़ता है, इसलिए निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना या निर्णय टालना अब स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में उन्होंने बजट के समय पर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना और परियोजना के लिए एक-एक अधिकारी को उत्तरदायी बनाया जाए, ताकि कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर
केंद्र तक पहुंच बढ़ाने का भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर हर माह बैठक करें. मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिये कि जिन विभागों के आवंटन बजट के कुछ अंश को अभी तक किंहीं कारणों से जारी नहीं किया गया है, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित करें.उन्होंने सभी प्रमुख 20 विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन विभागों को विभिन्न योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से बजट जारी किया जाता है. इसके लिए विभाग के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बजट जारी करने के लिए पैरवी करें. इसके साथ ही केंद्र सरकार को पत्र लिखें और फोन से फालोअप करें.
नई कार्ययोजना पर तैयारियों का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में वित्त विभाग को निर्देश दिये कि आगामी अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर अभी से सभी विभागों के साथ बैठक कर बजट मांग की समीक्षा करें. आगामी बजट को विभाग आवंटित करने से पहले उनके पिछले पांच वर्ष के खर्च के आकंलन की समीक्षा करें.उन्होंने निर्देश दिये कि वित्त विभाग नई कार्ययोजना को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दें. वहीं केंद्र सरकार से आगामी बजट आवंटन को लेकर बेहतर समन्वय बनाएं ताकि समय से केंद्र सरकार से बजट मिल सके.लापरवाही की गुंजाइश न रहे।















