जिले में स्थित ऐतिहासिक मोती झील अब नए रूप में नजर आएगी। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन में मोती झील के सौंदर्यकरण की कवायद तेज हो गई है। झील को संवारने की दिशा में अधिकारियों की भागदौड़ लगातार जारी है और इसे जिला प्रशासन का ड्रीम प्रोजेक्ट घोषित किया गया है। बुधवार को झील पर सौंदर्यकरण कार्य की विधिवत शुरुआत हुई, जिसमें मशीनों के माध्यम से जमीन को समतल करने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही नगरपालिका द्वारा अपनी सीमा में आने वाली सरकारी जमीन का चिन्हीकरण भी शुरू कर दिया गया है, जिस पर पिलर गाड़े जा रहे हैं।
साइट पर एडीएम फाइनेंस गजेंद्र सिंह पहुंचे और अधिकारियों के साथ आवश्यक मंत्रणा की। उनके साथ एसडीएम सदर निकिता शर्मा और तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ ने भी निरीक्षण किया। नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की इस संयुक्त बैठक और दौरे का उद्देश्य झील क्षेत्र में कार्यों की गति बढ़ाना और समन्वय सुनिश्चित करना था।प्रशासन का उद्देश्य न सिर्फ झील को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, बल्कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करना है। जल्द ही झील के चारों ओर हरियाली, पैदल पथ, लाइटिंग और बैठने की व्यवस्था जैसे कार्य शुरू किए जाएंगे। माना जा रहा है कि यह पहल शहरवासियों के लिए एक नया आकर्षण और सुकून देने वाली जगह बनकर उभरेगी।















