लखनऊ, उत्तर प्रदेश में आलू भंडारण के किराए में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। यह निर्णय भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) और कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के बीच हुई वार्ता के बाद लिया गया। इस समझौते के तहत किसानों को राहत मिलेगी, जो पहले से ही आलू के गिरते दामों से परेशान हैं।
आज उद्यान निदेशालय, लखनऊ में आयोजित बैठक में उद्यान निदेशक वी. बी. द्विवेदी, संयुक्त निदेशक (आलू) संजीव, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल और भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा, युवा किसान नेता अंकित सिंह चौहान सहित कई किसान नेता शामिल हुए।बैठक में किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने कहा कि इस वर्ष आलू के दाम बेहद कम हैं, ऐसे में शीतगृह का किराया बढ़ाना किसानों के हित में नहीं होगा। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन ने बिजली और मजदूरी की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने की मजबूरी जताई, लेकिन किसानों और उद्यान निदेशक के हस्तक्षेप के बाद किराया न बढ़ाने पर सहमति बनी। इस फैसले पर भाकियू (अराजनैतिक) के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया।
मटर, टमाटर, गाजर के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करने की मांग
बैठक में किसान यूनियन ने मटर, टमाटर और गाजर की गिरती कीमतों पर चिंता व्यक्त की। धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि इन फसलों के दाम 1-2 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं। यूनियन ने मांग की कि प्रदेश में इन फसलों पर बाजार हस्तक्षेप योजना लागू की जाए ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। इस पर उद्यान निदेशक ने केंद्र सरकार को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
भाकियू (अराजनैतिक) के सुझाव:
- आलू भंडारण का किराया नहीं बढ़ाया जाए, क्योंकि बिजली और मजदूरी की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
- शीतगृह में आलू सुखाने के नाम पर कटौती बंद हो और किसानों को उनके माल का पूरा वजन लौटाया जाए।
- सरकारी सहायता प्राप्त कोल्ड स्टोरेज में किसानों को 50% किराए में छूट दी जाए।
- प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उच्च गुणवत्ता की पौध मुफ्त दी जाए।
- आम की फसलों को बीमारियों से बचाने और जागरूकता के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।
- मटर उत्पादक जिलों में फ्रोजन प्लांट स्थापित किए जाएं।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आम की पैकिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पैक हाउस बनाए जाएं।
- आलू और टमाटर उत्पादन वाले क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर कोल्ड चेन यूनिट स्थापित की जाएं।
- दिल्ली की मंडियों तक सुरक्षित फसल पहुंचाने के लिए कम से कम 1000 मोबाइल कूलिंग वैन चलाई जाएं।
इस बैठक से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन किसानों को जो सब्जियों और फलों के कम दामों से जूझ रहे हैं।















