SIR प्रक्रिया को लेकर बंगाल में सियासी घमासान, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले ममता सरकार का बड़ा कदम

पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया पिछले साल नवंबर में शुरू हुई थी. SIR का टीएमसी ने कड़ा विरोध किया. अब SIR के तहत सुनवाई अब खत्म होने वाली है. समय बढ़ाने की मांग के बावजूद, चुनाव आयोग ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है. दूसरी ओर, इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.सोमवार को फिर इस मामले की सुनवाई है. उससे पहले पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार ने प्रोसेस शुरू होने के लगभग तीन महीने बाद अधिकारी देने का फैसला किया. अधिकारियों की नियुक्ति का मुद्दा पिछले हफ्ते उठाया गया था.आयोग पहले भी कई बार अधिकारियों की नियुक्ति की मांग उठा चुका है. आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में भी दावा किया था कि राज्य सरकार ने पर्याप्त अधिकारी नहीं दिए हैं.

ममता 8,505 B ग्रेड अधिकारी देने को तैयार

इस बार ममता बनर्जी की सरकार सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से 24 घंटे पहले अधिकारी देने पर सहमत हो गई. राज्य सचिवालय नबन्ना ने आयोग को लिखकर कहा है कि वे 8,505 B ग्रेड अधिकारी देने के लिए तैयार हैं.ममता बनर्जी पिछले हफ्ते बुधवार को SIR मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं और दलीलें दीं. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री से कहा, “यह पक्का करें कि दो भाषाएं जानने वाले कर्मचारी और अधिकारी दिए जाएं.

हालांकि, सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि कमीशन ने जो मांगा था, वह दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि जिलों की संख्या कम है, इसलिए अधिकारियों की संख्या भी कम है.

सुप्रीम कोर्ट में कल SIR पर सुनवाई

ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग पर SIR के दौरान पक्षपात करने का आरोप लगाते रही है. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा की ओर से काम कर रहा है और जानबूझ कर लोगों को परेशान किया जा रहा है और उनका आरोप है कि SIR वास्तव में NRC है और यह चुनाव से पहले बीजेपी की चाल है.अब, राज्य ने सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से ठीक पहले अधिकारी देने का फैसला किया है. ऐसे समय में, राज्य सरकार के इस फैसले पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन क्या यह फैसला इसलिए है ताकि सुप्रीम कोर्ट में सवाल न उठें?बीजेपी प्रवक्ता जगन्नाथ चटर्जी ने कहा, “आज अधिकारी देने का वादा करके, राज्य सरकार ने लगभग यह मान लिया है कि वे इतने लंबे समय से पूरे SIR प्रोसेस में सहयोग नहीं कर रहे हैं.”

ममता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आवेदन

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया गया है.अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल द्वारा दायर याचिका में इस मामले में हस्तक्षेप करने और सहायता प्रदान करने की मांग की गई है.

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