कांग्रेस नेता और तकनीकी विशेषज्ञ सैम पित्रोदा एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। पित्रोदा ने हाल ही में पड़ोसी देशों के साथ बातचीत को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत को पड़ोसी मुल्कों के साथ आपसी संबंध सुधारने और संवाद को बढ़ावा देने पर जोर देना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने यह टिप्पणी कर दी कि वह पाकिस्तान जा चुके हैं और वहां उन्हें घर जैसा माहौल महसूस होता है। उनके इस बयान ने भारतीय राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।
पित्रोदा के बयान को लेकर बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि जब पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है और सीमा पार से हमले कराता रहा है, तब किसी बड़े नेता का इस तरह का बयान देना देश की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने इसे कांग्रेस की मानसिकता का आईना बताते हुए कहा कि पार्टी नेताओं को भारत की सुरक्षा और शहीदों के बलिदान का ध्यान रखना चाहिए।
वहीं कांग्रेस पार्टी ने पित्रोदा के बयान से खुद को अलग करते हुए सफाई दी है कि यह उनका निजी विचार है और पार्टी की आधिकारिक नीति से इसका कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब पित्रोदा का कोई बयान विवाद का कारण बना हो। इससे पहले भी वे कई बार सरकार की नीतियों और विदेश नीति पर टिप्पणी करके विपक्ष के निशाने पर आ चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयानों से चुनावी मौसम में विपक्ष को हथियार मिल जाता है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और पित्रोदा अपने बयान पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं।















