मुजफ्फरनगर। जिले के ककरौली थाना क्षेत्र में सक्रिय ट्रांसफॉर्मर और ट्यूबवेल के तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने कर दिया है। बीते कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार ट्यूबवेल और ट्रांसफॉर्मरों से तार चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे किसानों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस बढ़ती समस्या को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने एसपी देहात, सीओ भोपा और ककरौली थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की थी। इसी टीम ने शनिवार को बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस सक्रिय गैंग को धर दबोचा।घटना के अनुसार, शनिवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक गिरोह चोरी का सामान लेकर नहर पटरी से गुजरने वाला है। इस पर पुलिस बल ने तत्काल घेराबंदी की और एक संदिग्ध थ्री-व्हीलर टेंपो को रुकने का इशारा किया। लेकिन वाहन में सवार बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान आमिर आलम (24 वर्ष), मुजम्मिल उर्फ छोटू (22 वर्ष) और आबिद (38 वर्ष) के रूप में हुई है।गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी कादिर (42 वर्ष) को भी मीनाक्षी चौक से दबोच लिया। पुलिस टीम ने मौके से भारी मात्रा में चोरी का माल बरामद किया। बरामदगी में 35 किलो ट्यूबवेल तार, 15 किलो ट्रांसफॉर्मर कॉइल, एक तमंचा, कारतूस, एक थ्री-व्हीलर टेंपो और चोरी में प्रयुक्त हथौड़ा, रिंच, प्लास, पाना, इन्वर्टर व बैटरी से चलने वाला कटर शामिल हैं।पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह दिन में गांवों और खेतों में जाकर ट्यूबवेल और ट्रांसफॉर्मरों की रेकी करता था। रात होते ही ये बदमाश बिजली सप्लाई से जुड़े उपकरणों और केबल को काटकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चोरी किया गया सामान बाद में कादिर की कबाड़ी की दुकान पर बेचा जाता था। अब तक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पांच अलग-अलग चोरी के मामलों का खुलासा किया जा चुका है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह के पकड़े जाने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। लगातार हो रही केबल चोरी से गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही थी, जिससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था चरमरा गई थी। ऐसे में इस गैंग का पर्दाफाश होना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश कर रही है।एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस सफलता के लिए गठित टीम की सराहना की और उन्हें 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। पुलिस की इस कार्रवाई से जहां ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है, वहीं अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। यह ऑपरेशन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बेहतर रणनीति का उदाहरण माना जा रहा है, जिसने न सिर्फ बिजली आपूर्ति से जुड़े गंभीर अपराध का खुलासा किया बल्कि क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को भी बड़ी राहत दी है।















