गाजियाबाद श्रवण कुमार : मोरटा स्थित पिलर नंबर 609 फिलिंग स्टेशन पर मिलावटी डीजल बेचने का आरोप लगने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने पेट्रोल पंप पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि डीजल के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं और यदि सैंपल रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित पेट्रोल पंप पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोगों का कहना है कि इस फिलिंग स्टेशन से डीजल भरवाने के बाद उनकी गाड़ियों में गंभीर खराबी आई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कार मालिक सचिन ने बताया कि उन्होंने 26 अगस्त को यहां से डीजल भरवाया, जिसके तुरंत बाद उनकी गाड़ी की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं जा रही थी और अगले दिन गाड़ी पूरी तरह बंद हो गई। जब वह सर्विस सेंटर ले गए तो मैकेनिक ने बताया कि डीजल में मिलावट होने के कारण इंजन जाम हो गया है और मरम्मत पर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये खर्च आएगा।
इसी तरह मोहित ने भी शिकायत दर्ज कराई कि उनका ड्राइवर डीजल भरवाकर हल्द्वानी जा रहा था, लेकिन बीच रास्ते में गाड़ी खराब हो गई और उसे टो कराकर वापस लाना पड़ा। वहीं शुभम त्यागी को तो डबल नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि पहले उनकी स्कॉर्पियो खराब हुई, फिर उन्होंने अपनी दूसरी गाड़ी में भी उसी पंप से डीजल भरवाया, लेकिन कुछ ही समय बाद वह गाड़ी भी बंद हो गई।
इस पूरे मामले पर पेट्रोल पंप प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। बजाज एचपी स्टेशन के मैनेजर अभिषेक ने स्वीकार किया कि शिकायतें आई हैं, लेकिन उन्होंने किसी भी गलती को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि डीजल के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं और जब तक रिपोर्ट नहीं आती, वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वाहन मालिकों को बार-बार भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी पाए जाने पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द किया जाए और पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए। अब सभी की निगाहें सैंपल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि डीजल में मिलावट हुई है या नहीं।















