जोहरा और इस्लामाबाद गांव के लोगों ने पेश की भाईचारे की अनोखी मिसाल

मुजफ्फरनगर, के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जोहरा और इस्लामाबाद गांव के लोगों ने इंसानियत और भाईचारे की ऐसी अनोखी मिसाल पेश की है, जो पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए प्रेरणा है। यहां के हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने मिलकर पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी मात्रा में राहत सामग्री एकत्रित की है। इस सामग्री में आटा, गेहूं, चावल, मसाले, नमक, तेल, दालें, नहाने-धोने का साबुन, दवाइयां और पीने के साफ पानी की बोतलें समेत जरूरत की तमाम चीजें शामिल हैं। गांव के नौजवानों ने मिलकर इस राहत सामग्री को दो बड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लादा है, जो कल सुबह पंजाब रवाना होगी।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि गंगा-जमुनी तहजीब इस क्षेत्र की पुरानी पहचान रही है और जब-जब समाज को जरूरत पड़ी है, यहां के लोग मिलकर इंसानियत की मिसाल पेश करते रहे हैं। उनका कहना है कि यह परंपरा हमारे बड़ों से चली आ रही है और आज की पीढ़ी इसे आगे बढ़ा रही है। वहीं युवाओं ने कहा कि जब किसी पर मुसीबत आती है, तो इंसानियत का फर्ज है कि उसकी मदद की जाए।

जोहरा गांव के निवासी मुफ्ती अब्दुल कादिर ने बताया कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, जाट, दलित और सैनी समाज के लोग शामिल हुए हैं। सभी ने घर-घर जाकर सामान एकत्रित किया है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव की खूबसूरती यही है कि जब भी कोई समस्या आती है तो हम सब मिलकर उसे हल करते हैं। यहां हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, चाहे खून देने की बात हो या किसी अन्य जरूरत की।

जोहरा गांव के ग्राम प्रधान मंदर सैनी ने कहा कि यह सामान दोनों गांवों के लोगों के सहयोग से इकट्ठा किया गया है। हमारे यहां जातिवाद और धर्म का कोई भेदभाव नहीं है, गांव में हमेशा से एक साथ बैठकर खाना-पीना और आपसी मेलजोल की परंपरा रही है। इसी तरह इस्लामाबाद गांव के प्रधान जगमोहन और गन्ना सोसाइटी के चेयरमैन जोगिंदर ने बताया कि पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर है, इसलिए दोनों गांवों के लोगों ने मिलकर यह राहत सामग्री एकत्रित की है, जिसे कल रवाना किया जाएगा।

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