अलवर जिले की किशनगढ़ बास पंचायत समिति के ग्राम खेड़ला में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की हालत अत्यंत जर्जर और दयनीय हो चुकी है। यह केंद्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के पुराने भवन में स्थित है, जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है। वर्तमान में यह भवन पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जिसके कारण बच्चों के अभिभावकों में भय का माहौल बना हुआ है। वे अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र भेजने से इनकार कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं भवन गिर न जाए और कोई बड़ा हादसा न हो जाए।
बारिश के मौसम में भवन की छत से मसाला झड़ने लगता है और नींव में पानी भरने से भवन के गिरने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। भारी सीलन के कारण दीवारें भी कमजोर हो चुकी हैं। ऐसी स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कृष्णा देवी ने बच्चों को केंद्र में बैठाने के बजाय अपने घर पर ही शिक्षा देना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी सुपरवाइजर ने मौखिक निर्देश दिया है कि बच्चों को केंद्र में न बिठाया जाए। गांव में कोई अन्य सरकारी भवन न होने के कारण यह निर्णय लिया गया।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी बीना गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र को सुरक्षा कारणों से खाली करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही ग्राम पंचायत भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटित कर पट्टा जारी करेगी, विभाग द्वारा भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा और बजट की मांग की जाएगी।
वहीं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका संतोष कुमारी ने बताया कि यह भवन अत्यंत नीचा है और बारिश के दौरान इसमें पानी भर जाता है, जिससे बच्चों को बैठाना असंभव हो जाता है। उन्होंने विभाग को कई बार पत्राचार किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय अभिभावकों ने मांग की है कि शीघ्र ही नया और सुरक्षित आंगनबाड़ी भवन तैयार किया जाए। जब तक ऐसा नहीं होता, वे अपने बच्चों को किसी भी सरकारी भवन में भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को जल्द से जल्द कदम उठाने की आवश्यकता है।















