मुजफ्फरनगर। होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” थीम के साथ विश्व पृथ्वी दिवस 2026 उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के बीच चित्रकला प्रतियोगिता तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पृथ्वी के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना रहा। प्रतियोगिता में बच्चों ने पृथ्वी को हरा-भरा बनाने, प्रदूषण रोकने, जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण से जुड़े विषयों पर आकर्षक और प्रेरणादायक चित्र बनाकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन तथा सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक अभिनव राज के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रवेन्द्र दहिया ने की, जबकि संचालन डॉ. राजीव कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्र “माता भूमि: पुत्रो अहं पृथिव्या:” के साथ हुई, जिसका अर्थ है कि धरती हमारी माता है और हम उसके पुत्र हैं। इस मंत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को पृथ्वी के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना से जोड़ने का संदेश दिया गया।
शपथ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे, एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद कर पर्यावरण अनुकूल बैग का उपयोग करेंगे, पानी और बिजली की बर्बादी को रोकेंगे तथा प्राकृतिक संसाधनों का समझदारी से उपयोग करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का भी संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने यह भी प्रतिज्ञा की कि वे स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों के माध्यम से पृथ्वी को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया और जीवन में छोटे-छोटे बदलावों के माध्यम से पृथ्वी को बचाने की अपील की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही और सभी ने मिलकर विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।














