बुढ़ाना के मुख्य चौराहे महावीर चौक पर मकर संक्रांति के अवसर पर हिंदू और मुसलमान समुदाय ने मिलकर देसी घी में खिचड़ी का वितरण किया। खिचड़ी को दही, घी, पापड़, और अचार के साथ बांटा गया। इस आयोजन में कई स्थानीय लोग शामिल हुए, जिनमें कालू राम, सुमित सैनी, शाहबाज सिद्दीकी, हिमांशु संगल, गुलजार कुरैशी सलमान, महेरबान, वक्कार, विकास गुप्ता उर्फ विक्की, मनोज उर्फ भूरा, और खलील जैसे लोग प्रमुख थे।
खिचड़ी को लेकर भारतीय संस्कृति में विशेष आस्थाएँ जुड़ी हैं। इसे मुगल बादशाह जहांगीर और औरंगज़ेब के समय से पसंद किया जाता था, और ब्रिटेन तक खिचड़ी का प्रसार हुआ था। खिचड़ी में चावल से चंद्रमा और शुक्र, काली दाल से शनि और राहु-केतु, हल्दी से बृहस्पति, और सब्ज़ियों से बुद्ध की शांति की आस्था है। इसके अलावा मकर संक्रांति के मौके पर तिल और गुड़ के लड्डू, रेबड़ी, गजक, चिक्की, और दही चूड़ा भी बनाए जाते हैं।















