अलवर जिले के विद्यालयों में खेल सामग्री की आपूर्ति को लेकर शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। इस बार खेल सामग्री को सीधे तौर पर भेजने के बजाय समसा (समग्र शिक्षा अभियान) के माध्यम से स्कूलों में वितरित किया गया, लेकिन इससे पहले शिक्षकों से किसी भी प्रकार की चर्चा नहीं की गई।
शिक्षकों का कहना है कि विभाग ने खेल परिणामों का अध्ययन किए बिना ही सामग्री भेज दी, जिससे गुणवत्ता और जरूरतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खेल सामग्री को सामूहिक रूप से खरीदने के इस निर्णय के विरोध में शिक्षकों ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
उन्होंने मांग की है कि विभाग की ओर से एक टीम का गठन किया जाए, जो इन सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच करे। शिक्षकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की बात कर रहे हैं, लेकिन यहां बिना परामर्श के लाभार्थियों के हक को खत्म कर दिया गया है।















