कटड़ा। मां वैष्णो वर्तमान में श्रद्धालु पारंपरिक मार्ग से मां वैष्णो देवी की यात्रा (Maa Vaishno Devi ) कर रहे हैं। यात्रा में भारी कमी की वजह से घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी के रूप में काम करने वाले ज्यादातर मजदूरों ने अपने घरों की ओर रुख कर लिया है। वहीं, कटड़ा में काम करने वाले दूसरे राज्यों के लोग भी अपने घरों को रवाना हो रहे हैं।
यात्रा में जारी गिरावट को देखकर स्थानीय लोगों को कोरोना काल के दौरान लाकडाउन की यादें ताज हो गई हैं। हालांकि, दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। दिन में अधिकतम समय तक आसमान पर बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रही। शुक्रवार को 4577 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी (Maa Vaishno Devi Yatra) के दरबार में हाजिरी लगाई थी। देवी की यात्रा में गिरावट का सिलसिला जारी है। वर्तमान में मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए देश भर से मात्र 5000 श्रद्धालु ही आधार शिविर कटड़ा पहुंचे रहे हैं, जबकि आम दिनों में इस महीने में 35 से 40 हजार के बीच श्रद्धालु पहुंचते थे।
यात्रा में जारी गिरावट को देखकर स्थानीय लोगों को कोरोना काल के दौरान लाकडाउन की यादें ताज हो गई हैं। हालांकि, दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। दिन में अधिकतम समय तक आसमान पर बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रही। शुक्रवार को 4577 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी (Maa Vaishno Devi Yatra) के दरबार में हाजिरी लगाई थी। देवी की यात्रा में गिरावट का सिलसिला जारी है। वर्तमान में मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए देश भर से मात्र 5000 श्रद्धालु ही आधार शिविर कटड़ा पहुंचे रहे हैं, जबकि आम दिनों में इस महीने में 35 से 40 हजार के बीच श्रद्धालु पहुंचते थे।
हालात यह है कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई है। यात्रा में आई भारी गिरावट के चलते कटड़ा से लेकर भवन तक सूना-सूना नजर आ रहा है। इक्का-दुक्का श्रद्धालु ही नजर आ रहे हैं।
पिछले तीन दिन से हेलीकॉप्टर सेवा स्थगित
इसका मुख्य कारण भारत-पाकिस्तान के बीचे बना तनाव है। वहीं, जानकारों का कहना हैं स्कूलों में गर्मियों की छुटि्टयां पड़ने के बाद मां वैष्णो देवी की यात्रा (Mata Vaishno Devi Yatra) बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। वहीं, पिछले तीन दिन से हेलीकॉप्टर सेवा स्थगित है और मां वैष्णो देवी के यात्रा मार्ग ताराकोट भी बंद है। शनिवार शाम पांच बजे तक 1450 श्रद्धालु ही भवन की ओर रवाना हुए थे।भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की वजह से वैष्णो देवी की यात्रा करने को लेकर श्रद्धालु कतराने लगे हैं। इसके चलते कटड़ा पूरी तरह खाली-खाली नजर आ रहा है। मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
वर्तमान में श्रद्धालु पारंपरिक मार्ग से मां वैष्णो देवी की यात्रा (Maa Vaishno Devi ) कर रहे हैं। यात्रा में भारी कमी की वजह से घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी के रूप में काम करने वाले ज्यादातर मजदूरों ने अपने घरों की ओर रुख कर लिया है। वहीं, कटड़ा में काम करने वाले दूसरे राज्यों के लोग भी अपने घरों को रवाना हो रहे हैं।
यात्रा में जारी गिरावट को देखकर स्थानीय लोगों को कोरोना काल के दौरान लाकडाउन की यादें ताज हो गई हैं। हालांकि, दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। दिन में अधिकतम समय तक आसमान पर बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रही। शुक्रवार को 4577 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी (Maa Vaishno Devi Yatra) के दरबार में हाजिरी लगाई थी।















