अब बाजार में अस्थमा के नकली इन्हेलर भी, आगरा में पकड़े गए आठ हजार लेबल;

आगरा। औषधि विभाग की टीम ने छापे में घर से अस्थमा के मरीजों में इस्तेमाल होने वाले इन्हेलर के आठ हजार प्रिंटेड लेबल (नाम, कीमत, ब्रांड लिखे हुए स्टीकर) जब्त किए हैं।वहीं, छापे के दौरान बंद मिलने पर दो गोदाम सील किए हैं।जबकि तनु मेडिकल एजेंसी पर सैंपल की दवाएं मिलने पर नमूने लिए गए हैं। औषधि विभाग की टीम की नौ घंटे चली कार्रवाई के बाद सोमवार को पांच दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के मुख्यालय से गठित आठ जिलों के औषधि विभाग की टीम ने रविवार शाम चार बजे फव्वारा दवा बाजार में छापा मारा। रात एक बजे तक कार्रवाई चली।

मुखबिर की सूचना पर एक टीम ने हींग की मंडी में स्थित जुबैर के घर पर छापा मारा। एक कमरे से सिप्ला कंपनी के फोराकोर्ट इन्हेलर के आठ हजार प्रिंटेड लेबल जब्त किए गए, जुबैर घर पर नहीं मिला। उसके स्वजनों ने भी कोई जानकारी नहीं दी।वहीं, माहेश्वरी काम्प्लेस स्थित कमला मार्केट, में द्वितीय तल पर दुकानों के बाहर बने गलियारे में लावारिस छह कार्टन रखे मिले। इसमें से एक कार्टन में पेट दर्द की दवा जिसे ट्रामाडाल होने के कारण नशे के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है उसके 160 बाॅक्स मिले हैं।

इसके साथ ही पांच कार्टन में कई कंपनियों की सैंपल की दवाएं मिलीं, इन्हें जब्त कर लिया है। छापे के दौरान दो गोदाम बंद मिले इन्हें सील कर दिया गया है। वहीं, टीम ने विश्वनाथ फार्मा की जांच की, जांच में फर्म से की जा रही औषधि बिक्री से अधिक 7.40 लाख कैश मिला।फर्म की खरीद और बिक्री की जांच की जाएगी। वहीं, भगवती ड्रग सेंटर में स्टाॅक और लेजर के रिकार्ड में अंतर मिला है इन्हें नोटिस दिया गया है। छापे के दौरान पांच दवाओं के नमूने लिए गए हैं।टीम में आगरा के साथ ही जौनपुर, इटावा, मैनपुरी, लखनऊ, बरेली, मेरठ और गाजियाबाद के औषधि निरीक्षक शामिल रहे। सभी को नोटिस दिए गए हैं, कमला मार्केट के सीसीटीवी की जांच की जाएगी जिससे पता कार्टन रखने वालों के बारे में पता चल सकेगा।

हास्पिटल सप्लाई की दवाओं पर भी लगाए जाते हैं नए लेबल

घर के अंदर इन्हेलर के प्रिंटेट लेबल मिलने से औषधि विभाग को बड़े गिरोह द्वारा नकली दवाएं बनाने की आशंका है। घर के अंदर लेबल मिले हैं, इन्हेलर नहीं मिले हैं, जिस गली में जुबैर का घर है उसके बाहर कई प्रिंटिंग प्रेस भी हैं।

नकली इन्हेलर कहीं और तैयार कराए जाने की आशंका है यहां उन पर लेबल लगाने के बाद बाजार में सप्लाई किया जाता है। साथ ही सरकारी अस्पतालों से मरीजों को दी जाने वाली निश्शुल्क दवाओं पर हास्पिटल सप्लाई नॉट फाॅर सेल लिखा रहता है।

इसे हटाकर रेट लिखकर लेबल लगा दिए जाते हैं और बाजार में सप्लाई कर दिया जाता है। पिछले दिनों फव्वारा दवा बाजार स्थित वरदान मेडिकल एजेंसी से ईएसआइ सप्लाई की दवाएं मिलीं थी, इसके बाद वरदान मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था।

55 तरह की सैंपल की दवाएं मिलीं

औषधि विभाग की टीम को छापे में तनु मेडिकल स्टोर से भी सैंपल की दवाएं मिली है, स्टाक और लेजर के रिकार्ड में अंतर मिला। वहीं, कमला मार्केट में पांच कार्टन में ब्रांडेड कंपनियों की 55 तरह की सैंपल की दवाएं मिली हैं, अधिकांश दवाओं के दो से तीन स्ट्रिप ही मिली हैं।

इन पर फिजीशियन सैंपल नॉट फाॅर सेल लिखा हुआ है, ये दवाएं फार्मा कंपनियों द्वारा डाक्टरों के माध्यम से मरीजों को निश्शुल्क देने के लिए दी जाती हैं।

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