नई दिल्ली। देश को झकझोर देने वाले निठारी हत्याकांड मामले में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटिशन) को स्वीकार कर लिया है। यह याचिका कोली की फांसी की सजा के खिलाफ दायर की गई थी। अदालत ने मामले की गंभीरता और न्यायिक प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए इसे सुनवाई योग्य माना है।
गौरतलब है कि निठारी कांड वर्ष 2005-2006 के दौरान नोएडा के निठारी गांव में सामने आया था, जहाँ कई बच्चों और महिलाओं की निर्मम हत्या की गई थी। इस प्रकरण में कोली को कई मामलों में दोषी ठहराया गया था और निचली अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक उसकी फांसी की सजा बरकरार रही थी। अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुधारात्मक याचिका स्वीकार किए जाने से मामले में एक नई कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिस पर आने वाले दिनों में विस्तृत सुनवाई होने की संभावना है।














