गौशाला निरीक्षण में दिखी लापरवाही, अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश

मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने खाईखेड़ा स्थित जिला पंचायत के सौजन्य से संचालित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, चारे-पानी और चिकित्सा सुविधाओं की गहनता से जांच-पड़ताल की। डॉ. निर्वाल ने गौशाला में हरे चारे की कमी पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि पशुओं के लिए संतुलित आहार की व्यवस्था करना जिम्मेदारों का कर्तव्य है। उन्होंने गौशाला संचालकों को निर्देशित किया कि भूसे के साथ-साथ चोकर और हरा चारा भी नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि गौवंश को पौष्टिक आहार मिल सके और वे स्वस्थ रह सकें।निरीक्षण के दौरान डॉ. निर्वाल ने यह भी कहा कि गौशाला में रह रहे पशुओं के लिए समय-समय पर चिकित्सा जांच होना बेहद आवश्यक है। बीमार पशुओं के लिए अलग से व्यवस्था करने और उनकी देखरेख पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने डॉक्टरों और गौशाला प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पशु की बीमारी की सूचना तुरंत संबंधित पशु चिकित्सक को दी जाए और उसकी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।पानी की व्यवस्था को देखकर डॉ. निर्वाल ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गौशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध होना एक सकारात्मक पहलू है, जो पशुओं के स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पानी की टंकियों की नियमित सफाई और रख-रखाव भी गौशाला प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की संक्रमण की संभावना न रहे।निरीक्षण के समय भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक रामकुमार शर्मा, महिपाल राठी और आयुष शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी गौशाला की व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा और व्यवस्थापकों से विस्तार से जानकारी ली। जिला पंचायत अध्यक्ष ने उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान कहा कि गौवंश हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उनका संरक्षण और संवर्धन करना हर व्यक्ति का दायित्व है।डॉ. निर्वाल ने कहा कि गौशालाओं का संचालन केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि वास्तव में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां रह रहे प्रत्येक पशु को उचित आहार, चिकित्सा और देखभाल मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में वे समय-समय पर गौशालाओं का औचक निरीक्षण करते रहेंगे, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो और किसी प्रकार की लापरवाही सामने न आए।निरीक्षण के अंत में उन्होंने गौशाला प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में हरे चारे और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं दिखा, तो जिला पंचायत स्तर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गौशालाओं में समय-समय पर जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी लें और यदि कोई समस्या दिखाई दे तो उसे तुरंत जिला पंचायत तक पहुंचाएं।इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव अध्यक्ष के सामने रखे। लोगों ने बताया कि गौशाला में चारे की कमी लंबे समय से बनी हुई है, जिस पर अब ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। डॉ. निर्वाल ने आश्वासन दिया कि गौशाला में चारे और चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत का उद्देश्य केवल गौशाला चलाना नहीं है, बल्कि वहां रह रहे हर पशु का संरक्षण करना है।गौशाला निरीक्षण के दौरान पशुपालन और देखरेख से जुड़े कई मुद्दों पर गहन चर्चा हुई और डॉ. निर्वाल ने साफ कहा कि गौवंश की सेवा करना समाज और प्रशासन दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने अंत में प्रबंधन से यह भी अपेक्षा जताई कि आने वाले समय में गौशाला की व्यवस्था प्रदेश स्तर पर आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करे।

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