NEET UG मिनिमन क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल कम करने की मांग, सांसद ने क्यों उठाया मुद्दा.

NEET UG 2026 स्कोर के आधार पर MBBS एडमिशन प्रक्रिया समापन की ओर है. मेडिकल कांउसिल कमेटी (MCC) अभी तक 4 राउंड काउंसलिंग आयोजित कर चुका है. इस बीच तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने NEET UG मिनिमन क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल कम करने की मांग की है. सांसद ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में में मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए जरूरी मिनिमम नीट यूजी क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को कम करने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में PM से दखल देने का आग्रह किया है.आइए, जानते हैं कि सांसद ने क्यों NEET UG मिनिमन क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल कम करने की मांग की है. जानते हैं कि उन्होंने इसको लेकर क्या तर्क दिए हैं.

3 राउंड काउंसलिंग के बाद 4000 से ज्यादा सीटें खाली रह गई

तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है, जिसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म X के माध्यम से दी है. इस पत्र में उन्होंने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में मेडिकल कोर्सों में एडमिशन के लिए NEET UG 2026 की मिनिमम क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को कम करने की मांग की है.सांसद ने तर्क दिया है कि MCC की तरफ से अभी तक 4 राउंड की काउंसलिंग आयोजित की जा चुकी हैं, लेकिन अभी भी MBBS-BDS की 4000 से ज्यादा सीटे खाली रह गई हैं, जबकि पिछले साल इस अवधि तक 72 सीटें ही खाली रह गई थी.

स्ट्रे वैकेंसी राउंड में भी नहीं भरी सीटें

सांसद ने अपने पत्र में MCC की तरफ से MBBS-BDS एडमिशन के लिए 3 मेन राउंड के बाद आयोजित किए जाने वाली स्ट्रे वैंकेंसी राउंड का भी जिक्र किया है. उन्हाेंने बताया कि स्ट्रे वैकेंसी राउंड की शुरुआत के समय 4068 सीटें खाली थीं, जिसमें MBBS की 3426 सीटें, BDS की 499, और BSc नर्सिंग 143 सीटें शामिल थी. ध्यान रहे कि इस राउंड के बाद भी 800 से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं.

पेपर लीक सीटें खाली रहने की वजह

सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि मेडिकल सीटें खाली रहने से देश के हेल्थकेयर सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से दोबारा NEET UG होने की वजह से इसकी इस क्वालीफाइंग कट-ऑफ अधिक है, जो गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने अपने पत्र में केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि मौजूदा नियमों के दायरे में रहते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये सीटें खाली न रह जाएं. इसके लिए उन्होंने पिछले सालों का उदाहरण दिया है, जब खाली सीटों को भरने के लिएनीट पीजी 2023, नीट एसएसी 2026 और नीट एमडीएस 2026 में सभी श्रेणियों की क्वालीफाइंग परसेंटाइल को 10 परसेंटाइल तक कम किया गया था.

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts