केंद्रीय बजट 2026 को लेकर मुजफ्फरनगर में उद्योग जगत की प्रमुख संस्था आईं. आईं. ए. (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) ने इसे विकासोन्मुख और दूरदर्शी बजट बताया है। संस्था का मानना है कि यह बजट आर्थिक विकास, निवेश बढ़ाने और उद्योगों में विश्वास कायम करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। बजट में किए गए प्रावधानों से न केवल बड़े उद्योगों को बल्कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
आईं. आईं. ए. के अनुसार, बजट में MSME सेक्टर के लिए टैक्स सरलीकरण और क्रेडिट सपोर्ट जैसे कदम स्वागतयोग्य हैं। टैक्स नियमों को सरल बनाने से छोटे उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम होगा और वे अपने व्यवसाय के विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। वहीं, क्रेडिट फ्लो पर विशेष फोकस से कार्यशील पूंजी की समस्या से जूझ रहे छोटे उद्योगों को राहत मिलेगी, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव है।बजट में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को प्राथमिकता देते हुए GST और अन्य टैक्स नियमों में स्पष्टता लाई गई है। इससे उद्योगों को नीति संबंधी अनिश्चितता से राहत मिलेगी और निवेश का माहौल बेहतर होगा। विशेष रूप से GST रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय निर्यातकों और MSME इकाइयों के लिए फायदेमंद साबित होगा। तेज और पारदर्शी रिफंड से नकदी प्रवाह सुधरेगा, जिसका सीधा असर उत्पादन क्षमता पर पड़ेगा।आईं. आईं. ए. ने कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी को बजट का एक अहम सकारात्मक पक्ष बताया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सरकारी निवेश बढ़ने से निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सड़कों, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक कॉरिडोर और ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश से क्षेत्रीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर बजट का फोकस युवाओं के लिए उम्मीद लेकर आया है। कौशल विकास कार्यक्रमों के विस्तार से उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलेगा, वहीं युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ को बल देने वाले प्रावधान घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देंगे।
आईं. आईं. ए. का मानना है कि यह बजट उद्योगों का विश्वास बढ़ाने वाला है, क्योंकि इसमें स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण साफ नजर आता है। नीति निरंतरता, निवेश प्रोत्साहन और MSME के सशक्तिकरण पर जोर से आने वाले वर्षों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 को मुजफ्फरनगर का उद्योग जगत आर्थिक विकास और निवेश के लिए सकारात्मक कदम के रूप में देख रहा है।















