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मुजफ्फरनगर: स्वास्थ्य विभाग पर उत्पीड़न का आरोप गांव-देहात और शहरी क्षेत्रों में छोटे क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सकों ने शनिवार को भाजपा नेता गौरव स्वरूप से मुलाकात की और डिग्री तथा डिप्लोमा धारक चिकित्सकों के खिलाफ हो रही अनावश्यक कार्रवाई पर अपना रोष व्यक्त किया। चिकित्सकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग, विशेषकर सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार के नेतृत्व में, बिना उचित कारण के उनके खिलाफ छापे मारकर उन्हें परेशान कर रहा है।
कुछ महिला चिकित्सकों के क्लीनिक पर हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ है। चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि निरीक्षण करने वाली टीम उन्हें डराकर उत्पीड़न कर रही है। डीयूएम डॉक्टर्स संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. हारून रशीद ने कहा कि वे किसी झोलाछाप चिकित्सक का समर्थन नहीं कर रहे, लेकिन पुराने डीयूएम डिग्री और डिप्लोमा धारकों को परेशान करना अनुचित है। उन्होंने बताया कि डीयूएम डॉक्टर्स का रजिस्ट्रेशन 2018 तक सीएमओ द्वारा किया गया था, लेकिन अब इसे रोक दिया गया है, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है।चिकित्सकों ने गौरव स्वरूप से अनुरोध किया कि अनावश्यक छापों को समाप्त किया जाए। गौरव स्वरूप ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के कारण चिकित्सकों में रोष है और उन्होंने सीएमओ से उनकी समस्याओं पर चर्चा करने के लिए सोमवार को वार्ता का आश्वासन दिया। इस पर डॉ. हारून रशीद ने उनका आभार व्यक्त किया। अन्य चिकित्सकों में डॉ. नितिन प्रताप, डॉ. खुर्रम, डॉ. अब्दुल अलीम, डॉ. शाहिद कुरैशी, डॉ. जावेद, डॉ. जमशेद, डॉ. सुलेमान, डॉ. अरशद हाशमी, और डॉ. इस्लाम शामिल थे।















