मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने तहसील जानसठ के हैदरपुर वेटलैंड का निरीक्षण किया। यह रामसर साइट 6900 हेक्टेयर में फैली हुई है और बारहसिंहा वन्यजीव अभ्यारण्य के अंतर्गत आती है। यहां डॉलफिन और घड़ियाल सहित कई दुर्लभ प्रजातियां प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं। हर साल लाखों प्रवासी पक्षी, जैसे ग्रेलैग गूज, यहां प्रवास करते हैं। इस समय लगभग 3000 ग्रेलैग गूज मौजूद हैं।

डीएम ने वेटलैंड से जलकुंभी और खरपतवार हटाने की योजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, ईको-डेवलपमेंट समिति के जरिए ईको रेस्टोरेंट और ईको हट संचालित कर ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही। ग्रेलैग गूज बर्ड फेस्टिवल आयोजित करने और हैदरपुर वेटलैंड को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और इसके सख्त अनुपालन के आदेश जारी किए गए। इस अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक, वन क्षेत्राधिकारी, पक्षी विशेषज्ञ, उपजिलाधिकारी जानसठ, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।























































